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एसआइआर: बेटे का नाम जुड़ा, पिता की पहचान अटकी: कलेक्ट्रेट में ‘नो मैपिंग’ की कतारें

समग्र आइडी, आधार कार्ड लेकर पहुंचे, जो मान्य नहीं, 93 वर्ष के बुजुर्ग भी खड़े कतार में

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समग्र आइडी, आधार कार्ड लेकर पहुंचे, जो मान्य नहीं, 93 वर्ष के बुजुर्ग भी खड़े कतार में

समग्र आइडी, आधार कार्ड लेकर पहुंचे, जो मान्य नहीं, 93 वर्ष के बुजुर्ग भी खड़े कतार में

हबीबपुरा निवासी सतीश कुमार की उम्र 93 वर्ष। पर उनका नाम 2003 की सूची से लिंक नहीं हुआ। नो मैपिंग होने पर उनके घर नोटिस पहुंच गया। पहली सुनवाई पर अपने बेटे के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। अपने दस्तावेज पेश किए, लेकिन उनके पास जो दस्तावेज थे, वह 2003 के बाद के हैं। ये दस्तावेज मान्य नहीं हो रहे। रामबेटी आधार कार्ड, समग्र आइडी लेकर पहुंची। यह दस्तावेज मान्य नहीं हुए। दो अकेले ऐसे मतदाता नहीं है, जिन्हें ऐसी दिक्कत आ रही है। नो मैपिंग वाले मतदाताओं के पास 2003 के दस्तावेज हैं। इसको लेकर मतदाता बोले कि पुराने जमाने के दस्तावेज कहां से लेकर आएं। हमारे पास नहीं है।

सोमवार से कलेक्ट्रेट सहित अन्य जगहों पर उन मतदाताओं की सुनवाई शुरू हो गई है, जिनका नाम 2003 की सूची से लिंक नहीं हुआ है। रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के यहां से मतदाताओं को नोटिस पहुंचना शुरू हो गया है। 13 दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। नोटिस के बाद मतदाता अपने दस्तावेज लेकर पहुंचे हैं। अधिकतर के साथ पुराने रिकॉर्ड की दिक्कत है। जो मतदाता दस्तावेज पेश करने के लिए नहीं आए, उनका नाम आगे बढ़ा दिया है। सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के यहां कतारें लग गई हैं। वहीं सतीश कुमार ने बताया कि उनके बेटों का नाम मैपिंग हो गया और नाम नहीं कटा। उनको दस्तावेज पेश करने पड़ रहे हैं।

गणना पत्रक नहीं पहुंचे, इस कारण भी मैपिंग नहीं

-सुनवाई के दौरान मतदाता अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीएलओ ने उन्हें गणना पत्रक नहीं दिया है। इस कारण नो मैपिंग हो गए। कुछ ऐसे भी सामने आए, जिनका गणना पत्रक लेने ही नहीं पहुंचे। इस कारण नोटिस का जवाब देना पड़ रहा है।

- बेटे का नाम पिता से लिंक हो गया, लेकिन पिता का नाम लिंक नहीं हुआ है। इस कारण पिता को दस्तावेज पेश करने पड़ रहे हैं।

- महिलाओं की संख्या अधिक है, क्योंकि महिला को अपने मायके का रिकॉर्ड पेश करना है। बीएलओ के समक्ष पेश नहीं किया। इस कारण नो मैपिंग लिखा गया।

- नोटिस के जवाब में जो मतदाता उपस्थित हुए हैं, पिछड़ी बस्तियों के हैं। उन्होंने 2003 में कहां वोट डाला था। यह पता नहीं है।

- जिले के 68 हजार मतदाताओं को अपने दस्तावेज पेश करना है।

यह दस्तावेज लेकर पहुंच रहे अधिकतर मतदाता

- मतदाता पेनकार्ड, आधार कार्ड, समग्र आइडी, राशन कार्ड, राशन पर्ची जैसे दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकतर के पास 2008 के बाद के दस्तावेज हैं। पुराने दस्तावेज लोगों के पास नहीं है।

- सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के सामने ऐसे दस्तावेज भी पेश किए हैं, जो फर्जी नजर आ रहे हैं।

- सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दस्तावेज संदिग्ध लग रहा है तो उसे पोर्टल पर अपडेट कर रहे हैं।

नाम जोडऩे का भी भर सकते हैं फॉर्म

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम का दूसरा चरण चल रहा है। इस चरण में नए नाम जोडऩे, परिवर्तन व नाम हटाने का आवेदन भी कर सकते हैं। 9 हजार से अधिक नाम जोडऩे के आवेदन आ चुके हैं।

- नाम जोडऩे के लिए बीएलओ भी मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।