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स्टेशन पर महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी, प्लेटफार्म पर केवल सात महिला आरक्षक

ग्वालियर . रेलवे स्टेशन पर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। क्योंकि प्लेटफार्मों पर सुरक्षा इंतजामों में भारी कमी देखी जा रही है, जिससे महिलाएं ट्रेनों में अकेले यात्रा करते समय और प्लेटफार्म पर असुरक्षित महसूस करती हैं। स्टेशन पर कुल चार प्लेटफार्म हैं, लेकिन महिलाओं के लिए सिर्फ […]

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ग्वालियर . रेलवे स्टेशन पर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। क्योंकि प्लेटफार्मों पर सुरक्षा इंतजामों में भारी कमी देखी जा रही है, जिससे महिलाएं ट्रेनों में अकेले यात्रा करते समय और प्लेटफार्म पर असुरक्षित महसूस करती हैं। स्टेशन पर कुल चार प्लेटफार्म हैं, लेकिन महिलाओं के लिए सिर्फ ७ आरपीएफ महिला कर्मी नियुक्त किए गए हैं, जो नाकाफी साबित हो रही हैं। 65 हजार के आसपास यात्री हर दिन स्टेशन पर आते हैं, इनमें 25 हजार के आसपास महिलाएं होती हैं। वहीं ट्रेनों में कई महिलाएं अकेले यात्रा करती हैं। कोच में सफर के दौरान महिलाएं अपनी परेशानी सिर्फ महिला आरक्षक को ही बताना ज्यादा उचित समझती हैं,ऐसे में महिला आरक्षक का होना काफी जरूरी है।

यह स्थिति है महिला आरक्षक की

आरपीएफ में 14 महिला कर्मचारी पदस्थ हं, इनम 7 लंबी छुट्टी पर हैं। जीआरपी में तीन महिला कर्मचारी पदस्थ हैं । यह अक्सर ऑफिस में ही काम करती हैं। इसके अलावा नैरोगेज जीआरपी में पदस्थ दो महिला कर्मचारियों में से एक छह महीने की छुट्टी पर हैं और दूसरी ऑफिस में रहती हैं।

यह आई शिकायतें

-आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस में दो फरवरी को एस- 3 कोच की 48 पर महिला ने सीट को लेकर शिकायत की। इसके बाद आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची।
-कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एक फरवरी को जनरल कोच में महिला ने सीट को लेकर शिकायत की।

  • झांसी- बांद्रा एक्सप्रेस में दो फरवरी को जनरल कोच में एक यात्री खाली सीट पर लेट गया। इस पर यात्रियों ने शिकायत की तब जाकर सीट पर महिलाएं बैठ सकीं।

इस तरह की आती है समस्या

यात्रा के दौरान महिलाओं को कई सारी शिकायतों का सामना करना पड़ता है। इसमें खासतौर पर सीट को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा महिला कोचों में पुरुष के घुस आने से महिलाओं को दिक्कतें आती है। वहीं कई बार महिला यात्री अपनी बातें सिर्फ महिलाओं से ही शेयर करती है।

इनका कहना है

स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर महिला कर्मचारियों की कमी है। लेकिन हमारे स्टाफ द्वारा शिकायतों का समाधान कर लिया जाता है। वहीं मेरी सहेली टीम भी ट्रेन के मैसेज आने पर ही ट्रेनों में जाकर महिलाओं का हाल चाल पूछ रही है।
मनोज शर्मा, टीआइ आरपीएफ