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चंबल की ड्रोन दीदी सुनीता व खुशबू का पीएम मोदी दिल्ली में करेंगे सम्मान

महिला सशक्तिकरण:

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महिला सशक्तिकरण: कन्या भ्रूण हत्या के लिए बदनाम मुरैना की छवि बदल रहीं महिलाएं

महिला सशक्तिकरण: कन्या भ्रूण हत्या के लिए बदनाम मुरैना की छवि बदल रहीं महिलाएं

मुरैना. कन्या भ्रूण हत्या, लिंगानुपात को लेकर पूरे देश में बदनाम चंबल के मुरैना जिले की छवि अब यहां जन्मी महिलाएं ही बदल रही हैं। अपने हुनर से आधुनिक खेती-किसानी के सपने साकार रही जिले की 2 ड्रोन दीदियों का देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकिले की प्राचीर से सम्मान करेंगे। 15 अगस्त को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में इन दोनों महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।

कृषि विभाग के अफसरों ने दी सूचना तो खुशी से भर आई आंखें

ड्रोन दीदी के रूप में पहचानी जाने वालीं कैलारस की सुनीता शर्मा और मुरैना ब्लॉक की खुशबू लोधी को जब कृषि विभाग के अफसरों ने सूचना दी कि 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकिले की प्राचीर से उनका सम्मान करेंगी तो दोनों भौंचक्की रह गईं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

15 दिन की ट्रेनिंग, अब खुद के खेतों के साथ दूसरे गांवों में भी महिलाओं को कर रही जागरुक

कैलारस ब्लॉक के पचोखरा में रहने वालीं सुनीता शर्मा (40) पत्नी राजू शर्मा ने वर्ष 2019 में इफको कंपनी की ओर से उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद (फूलपुर) में ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग ली। आकांक्षी ब्लॉक कैलारस की अध्यक्ष सुनीता शर्मा कैलादेवी स्व-सहायता समूह भी चलाती हैं। उनके साथ 224 समूहों की 13 से 14 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सुनीता बताती हैं कि हमारी खुद की 25 से 30 बीघा जमीन है, जिसमें हम ड्रोन के जरिए ही लिक्विड कीटनाशकों का छिड़काव करते हैं। इसके अलावा पचोखरा पंचायत के भौरू सिंह का पुरा, नर्सिंगपुरा, रामलालपुरा आदि गांवों के किसान उन्हें अपने खेतों में दवा छिड़कने के लिए बुलाते हैं।

पिता से सीखा खेती का हुनर, ड्रोन दीदी बनकर खेती में किया आधुनिकता का समावेश

मुरैना ब्लॉक के डोंगरपुर लोधा गांव की रहने वाली खुशबू लोधी (23) पतनी राहुल लोधी निवासी डोंगरपुर लोधा को खेती-किसान का गुर अपने पिता से विरासत में ही मिला है। अंग्रेजी से एमए और बीएड करने के बाद खुशबू ने भी खेती में आधुनिकता को लाने का संकल्प लिया। काली स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्होंने अपना मिशन शुरू किया। दिसंबर 2023 में उन्हें उत्तरप्रदेश के फूलपुर से ट्रेनिंग के लिए बुलाया गया लेकिन एग्जाम होने की वजह से जा नहीं सकीं। फिर जनवरी 2024 में उन्होंने ग्वालियर में ही 15 दिन की ट्रेनिंग लेकर ड्रोन दीदी का प्रमाण पत्र हासिल किया। खूशबू खुद की 40 से 50 बीघा जमीन के साथ आसपास के 15 से 20 गांवों के किसानों के खेतों में ड्रोन के जरिए कीटनाशक का छिड़काव करने जाती हैं। इससे जहां उनके समूह की आय में भी वृद्धि हुई है, वहीं किसानों को भी राहत मिल जाती है।

इनोवेशन किया

ड्रोन के जरिए स्व-सहायता समूह की आय बढ़ाने का इनोवेशन करने वालीं जिले की दोनों ड्रोन दीदी 15 अगस्त को दिल्ली में प्रधानमंत्री के हाथों सम्मानित होंगी।
डॉ. इच्छित गढ़पाले, सीईओ जिपं मुरैना

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