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डॉ. कुमार विश्वास का राम के विरोधियों पर तंज, बोले- राम पर शक नहीं करना..

mp news: नवग्रह पीठ पर आयोजित अपने-अपने राम कार्यक्रम में डॉ. कुमार विश्वास ने श्रीराम के चरित्र का वर्णन किया।

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kumar vishwas

kumar vishwas ram katha speech (source- kumar vishwas facebook)

mp news: मध्यप्रदेश के ग्वालियर के डबरा में नवग्रह पीठ पर आयोजित अपने-अपने राम कार्यक्रम में शनिवार को डॉ. कुमार विश्वास ने कहा हमारी संस्कृति हर पल प्रेम करना सिखाती है। लेकिन पाश्चात्य संस्कृति में प्रेम करने के लिए भी दिन को चुना गया है और पाश्चात्य संस्कृति को प्रेम के लिए 14 फरवरी वेलेंटाइन डे जैसे दिनों की जरुरत पड़ती है। हमारी संस्कृति में प्रेम का उदय है, प्रेम ही आधार है, प्रेम ही परिवार को जोड़ता है। राम कथा कहती है कि प्रेम ही परिवार की प्रेम कथा है।

राम के विरोधियों पर तंज

डॉ. कुमार विश्वास ने इस दौरान भगवान राम के विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि राम पर शक नहीं करना है, कोई संदेह नहीं करना है। जो भी यह बोले हमें चिंता नहीं करना चाहिए, और बुरा नहीं माने। यह मानो कि उनकी या तो आंख फूट गई है, या फूटने वाली है। प्रेम परिवार से होता है, इसलिए हमें अपने परिवार में भगवान श्रीराम की तरह प्रेम रखना चाहिए। प्रेम की गोद हल्की होती है तब परिवार टूटता है। राम कथा कहती है कि बड़ा भाई है तो छोटे भाई को पूरा सम्मान करना चाहिए, हर पल उनकी सेवा करना चाहिए। वहीं बड़े भाई को छोटे भाई से एक पिता की तरह प्रेम करना चाहिए, ऐसा करने से हर घर अयोध्य बन जाएगा।

'अध्यात्म का ड्राइविंग लायसेंस 18 से क्यों नहीं'

कुमार विश्वास ने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी में बदलाव आया है अब वह आगरा में बने एक मीनार को देखने नहीं जाते अयोध्या और वृंदावन जा रहे हैं। युवा पीढ़ी का झुकाव अध्यात्म की ओर बढ़ गया है। इस प्रकार कथाओं में अब 70 फीसदी युवा शामिल हो रहा है। 18 वर्ष की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनना जरुरी होता है, तो अध्यात्म के लिए वृद्धावस्था का इंतजार क्यों, 18 वर्ष की उम्र से ही आध्यात्म का ड्राइविंग लाइसेंस ले लेना चाहिए। ताकि, हमें अपनी संस्कृति और अध्यात्मक का अच्छा ज्ञान हो।