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जीवाजी विश्वविद्यालय में गुंडागर्दी बेलगाम, प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्रवाई सिर्फ फाइलों तक

हर तीन महीने में जूनियर-सीनियर भिड़ंत, अब सख्त कार्रवाई की जरूरत

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जीवाजी विश्वविद्यालय में गुंडागर्दी बेलगाम, प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्रवाई फाइलों तक

जीवाजी विश्वविद्यालय में गुंडागर्दी बेलगाम, प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्रवाई फाइलों तक

ग्वालियर . जीवाजी विश्वविद्यालय में शैक्षणिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। पढ़ाई और शोध के लिए पहचाना जाने वाला यह परिसर अब डर, दबंगई और हिंसा की घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है। हर तीन-चार महीने में सीनियर-जूनियर विवाद, मारपीट, धमकियों और रैगिंग की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका हर बार समझाइश देकर मामला रफा-दफा करने तक ही सीमित रह जाती है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि छात्र अब विश्वविद्यालय प्रशासन को दरकिनार कर यूजीसी तक शिकायतें पहुंचाने लगे हैं। इससे विवि प्रशासन पर लेकिन जमीनी स्तर पर सख्ती अब भी नहीं है।

घटनाओं की लंबी सूची, कार्रवाई शून्य
< 10 दिसंबर 2021: लॉ विभाग में बाहरी छात्रों का हमला, शिक्षकों से गाली-गलौज। बयान हुए, कार्रवाई नहीं।
<16 दिसंबर 2021: लॉ डिपार्टमेंट के बाहर हवाई फायरिंग , पांच साल बाद भी आरोपी अज्ञात।
< जुलाई 2022: गाने बजाने को लेकर मारपीट, चार छात्र निलंबित हुए, फिर समझाइश में मामला खत्म।
< अप्रेल 2025: जूनियर्स की पिटाई, वही पुरानी प्रक्रिया—समझाइश और चुप्पी।
< 12 नवंबर 2025: सीनियर-जूनियर मारपीट, अभिभावकों को बुलाकर मामला ठंडे बस्ते में।
< 10 जनवरी 2026: बीफार्मा प्रथम वर्ष के छात्र ने यूजीसी में रैगिंग की शिकायत की, बोर्ड अब भी सिर्फ कथन दर्ज कर रहा है।

डर में छात्र, आंख मूंदे प्रशासन
पिछले पांच वर्षों में 15 से अधिक गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन न विवि प्रशासन ने ठोस कार्रवाई की, न ही पुलिस ने सख्ती दिखाई। कैंपस में बाहरी तत्वों की बेरोक-टोक आवाजाही, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की नरमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का साफ कहना है कि समझाइश से नहीं, सख्त और सार्वजनिक कार्रवाई से ही विश्वविद्यालय में भयमुक्त माहौल बहाल हो सकता है।
अभिभावकों के आरोप
< कैंपस असुरक्षित
< सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दिखावा
<बाहरी तत्वों पर कोई रोक नहीं
< शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं
<एंटी-रैगिंग कमेटियां सिर्फ कागजों में

&यूजीसी पर बीफार्मा के छात्रों ने रैगिंग संबंधी शिकायत की थी। उसकी अभी जांच चल रही है। मैंने सभी को निर्देश दिए है कि वह सख्ती के साथ कार्रवाई करें।
डॉ राजीव मिश्रा, कुलसचिव जेयू

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