16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल में 30% तक बढ़ोतरी ! उपभोक्ता परेशान

Smart Meters: कई लोगों ने पुराने मीटर की तुलना में नए स्मार्ट मीटर के बाद बिल में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का दावा किया है....

2 min read
Google source verification
Smart Meters

Smart Meters (Photo Source - Patrika)

Smart Meters: शहर में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं और बिजली कंपनी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं, जिसके कारण बिजली की खपत वास्तविक से अधिक दर्ज हो रही है और बिल बढ़कर आ रहे हैं।

वहीं बिजली कंपनी का दावा है कि मीटर पूरी तरह सटीक रीडिंग ले रहे हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को बिल अधिक महसूस हो रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है, सर्दी के मौसम में जब पंखे, कूलर और एसी का उपयोग नहीं हो रहा, तब भी बिल अपेक्षा से ज्यादा आ रहे हैं।

20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का दावा

उपभोक्ताओं का सवाल है कि यदि सर्दी में इतना बिल आ रहा है तो गर्मी में स्थिति क्या होगी। कई लोगों ने पुराने मीटर की तुलना में नए स्मार्ट मीटर के बाद बिल में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का दावा किया है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर डिजिटल तकनीक पर आधारित हैं और इनमें मानवीय त्रुटि की संभावना नहीं रहती। कंपनी का दावा है कि जिन स्थानों पर शिकायतें मिलीं, वहां मीटर की जांच कराई गई और वे तकनीकी रूप से सही पाए गए। अधिकारियों के अनुसार पहले औसत बिलिंग या अनुमानित रीडिंग के कारण कम बिल आते थे, जबकि अब वास्तविक खपत दर्ज हो रही है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

दक्षिण संभाग में करीब 16 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। शुरूआत में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध हुआ था, लेकिन अब उपभोक्ता की समझ में आ गया है कि मीटर सटीक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं। फिलहाल स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें नहीं आ रही है। स्मार्ट मीटर को लेकर सिर्फ रीडिंग सही नहीं आने की कुछ शिकायतें आई थी, उनको सुधार दिया गया है। अब बिल भी उपभोक्ता को समय पर मिल जाता है।- संतोष विठ्ठल, उपमहाप्रबंधक दक्षिण संभाग

स्मार्ट मीटर लगाने के पीछे बिजली कंपनी का उद्देश्य भविष्य में इन मीटरों से प्री-पेड बिजली उपलब्ध कराना है। अध्यादेश-2025 में तय हो चुका है बिजली का निजीकरण कर दिया जाएगा। इससे आम उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिलेगी और जो पैसा नहीं देगा उसको बिजली भी नहीं मिलेगी। स्मार्ट मीटर अभी तेज चल रहे हैं और उपभोक्तों के घर के बिल बढ़े हुए आ रहे हैं।- रूपेश जैन, जिला सचिव, मप्र बिजली उपभोक्ता, एसोसिएशन

मंत्री की विधानसभा में प्रक्रिया शुरू नहीं

फिलहाल प्रदेश के तीन संभागों में ही स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जारी है। उत्तर संभाग में, जो ऊर्जा मंत्री की विधानसभा क्षेत्र में आता है, वहां अभी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।