5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बैंक फाइनेंस ने बढ़ाए जमीन के भाव, 2125 रजिस्ट्री तय करेंगी नई गाइडलाइन

शहर में जमीन-मकान की कीमतों की तस्वीर अब रजिस्ट्रियों के आंकड़ों से साफ होने लगी है। वित्त वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के लिए रजिस्ट्रियों का विस्तृत विश्लेषण पूरा कर लिया गया है और इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुल 2125 रजिस्ट्री ऐसी हैं, जिनके आधार पर गाइडलाइन में बढ़ोतरी का […]

2 min read
Google source verification

शहर में जमीन-मकान की कीमतों की तस्वीर अब रजिस्ट्रियों के आंकड़ों से साफ होने लगी है। वित्त वर्ष 2026-27 की कलेक्टर गाइडलाइन तय करने के लिए रजिस्ट्रियों का विस्तृत विश्लेषण पूरा कर लिया गया है और इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुल 2125 रजिस्ट्री ऐसी हैं, जिनके आधार पर गाइडलाइन में बढ़ोतरी का खाका तैयार किया जा रहा है। विश्लेषण में सामने आया कि बड़ी संख्या में खरीदारों ने सरकारी तय दर से कहीं ज्यादा कीमत पर रजिस्ट्री कराई। इसकी सबसे बड़ी वजह बैंक फाइनेंस मानी जा रही है। बैंक से लोन लेने के लिए वास्तविक बाजार मूल्य दिखाना जरूरी होता है, इसलिए लोगों ने गाइडलाइन से अधिक रेट पर सौदे दर्ज कराए और उसी अनुपात में ज्यादा स्टांप ड्यूटी भी अदा की।

आंकड़ों के मुताबिक 1561 रजिस्ट्रियों में गाइडलाइन से करीब 26 फीसदी अधिक दर पर रजिस्ट्री की गई। इससे साफ है कि बाजार भाव सरकारी दरों से काफी आगे निकल चुका है। वहीं, 81 रजिस्ट्री ऐसी भी सामने आई हैं, जिनमें गाइडलाइन से 53 से 80 फीसदी तक अधिक रेट पर सौदे हुए। इन रजिस्ट्रियों ने विभाग को यह संकेत दे दिया है कि कुछ क्षेत्रों में जमीन के दाम तेजी से उछल चुके हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर नई गाइडलाइन तैयार की जा रही है। जिन इलाकों में लगातार ऊंचे रेट पर रजिस्ट्री हुई है, वहां गाइडलाइन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। विभाग का मानना है कि वास्तविक बाजार कीमतों के अनुरूप गाइडलाइन तय होने से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि जमीन-मकान के सौदों में पारदर्शिता भी आएगी।

फायनेंस की वजह से क्यों दिखाई वास्तविक रेट

नगर निगम सीमा में विकसित कॉलोनी में प्लॉट के रेट 5 हजार स्क्वायर फीट से ऊपर चल रहे हैं। अवैध कॉलोनी में 3500 स्क्वायर फीट से ऊपर हैं। इस कारण प्लॉट की कीमत अधिक हो जाती है। संपत्ति खरीदने के लिए लोग संपत्ति फायनेंस करा रहे हैं। यदि गाइडलाइन के हिसाब से फायनेंस कराते हैं तो ऋण कम मिलता है, जिससे पर्याप्त ऋण नहीं मिल पाता है। इस कारण वास्तविक रेट पर रजिस्ट्री करा रहे हैं।

- गाइडलाइन से ऊपर कोई रजिस्ट्री कराता है तो जो अतिरिक्त रेट आया है, उस पर सवा दो फीसदी अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी देनी होती है। इस कारण ज्यादा बोझ क्रेता पर नहीं आता है।

- वृत्त-2 के महाराजपुरा, बड़ागांव, न्यू सिटी सेंटर, मुरार क्षेत्र में अधिक गाइडलाइन बढ़ सकती है। वृत्त-1 में पुरानी छावनी, शिवपुरी लिंक रोड, सिथौली रोड, डबरा, भितरवार में गाइडलाइन बड़ सकती है। इन क्षेत्रों में शहरीकरण हो रहा है।

फैक्ट फाइल

बढ़ोतरी गाइडलाइन से अधिक पर रजिस्ट्री

1561 0 से 26.67 फीसदी

583 26.67 से 53.33 फीसदी

81 53.53 से 80.01 फीसदी

- गाइडलाइन के लिए रजिस्ट्रियों का विश्लेषण किया है। गाइडलाइन से अधिक पर 2125 रजिस्ट्री हुई है। नए क्षेत्र चिह्नित किए हैं। उप पंजीयकों की बैठक बुलाई गई है। प्रस्ताव को फायनल कर रहे हैं।

अशोक शर्मा, जिला पंजीयक