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युवराज मेहता मौत मामले में लोटस ग्रीन ग्रुप के मालिक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, दफ्तर सील

Lotus Green Owner Warrant Issued : ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट के आदेश पर लोटस ग्रीन ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है और दफ्तर सील कर दिया गया है।

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लोट्स ग्रीन के मालिक को भेजा गया गैर जमानती वारंट, Pc- Patrika

ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई और तेज कर दी है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर लोटस ग्रीन ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह उर्फ निर्मल कुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद बिल्डर के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कसता जा रहा है और पुलिस उनके दफ्तर को सील कर चुकी है।

पुलिस ने तीन बिल्डरों को किया गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, निर्मल सिंह लंबे समय से फरार चल रहा है और अदालत ने उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी करने के आदेश दिए। पुलिस ने बताया है कि अगला कदम कोर्ट की प्रक्रिया के तहत उनके घर और कार्यालय कुर्क किया जायेगा जिसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इस मामले में अब तक पुलिस तीन बिल्डरों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एमजेड विज टाउन के मालिक अभय सिंह और लोटस ग्रीन के दो डायरेक्टर भी शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले युवराज मेहता अपनी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा कार से नोएडा सेक्टर 150 स्थित टाटा यूरेका पार्क में अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में घना कोहरा था। एक मोड़ पर विजिबिलिटी बहुत कम होने की वजह से उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई, निर्माणाधीन साइट के पास एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर जा गिरी। गड्ढा कई सालों से बिना बैरिकेडिंग, लाइटिंग के खुला पड़ा था, यह गड्ढा करीब 50 फीट गहरा था और पानी से भरा हुआ था।

कार के साथ डूबा युवराज

कार के गड्ढा में गिरते ही युवराज ने हिम्मत दिखाई। वे किसी तरह कार से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गए। उस वक्त तक कार पूरी तरह नहीं डूबी थी। युवराज ने तुरंत अपने पिता राज कुमार मेहता को फोन किया और बताया कि वे गड्ढा में फंस गए हैं और कार पानी में गिर गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर डिपार्टमेंट, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर रवाना हुईं। हालांकि घने कोहरे और खराब हालात के कारण टीमों को पहुंचने में समय लगा और देर रात तक कोई सहायता नहीं पहुंची और वे डूब गया।

प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप

घटना के बाद युवराज का शव बाहर निकाला गया। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे, और युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पुलिस ने MZ विज टाउन और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

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