
फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, आरोपी युवती
गोरखपुर में मंगलवार की शाम कैंट थानाक्षेत्र के सिंघड़िया चौराहे पर युवक को गोली मारने के आरोप में गिरफ्तार की गई अंतिमा के बारे में चौंकाने वाली बातें सामने आ रही है। चकाचौंध की जिंदगी जीने और लोगों में दबदबा बनाने की सनक ने उसे अपराधी बना दिया। जब पुलिस की तहकीकात शुरू हुई तब पता चला कि वह शहर के एक थाने के प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को अपने जाल में फंसा चुकी थी।
बाद में विभागीय कारवाई और सामाजिक इज्जत न गिरे इसको लेकर कुछ पुलिसकर्मियों ने रुपये देकर मामले को सलटा लिया था। सूत्रों के मुताबिक शातिर अंतिमा पहले सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों से लोगों से नजदीकियां बढ़ाती थी फिर झूठे आरोपों और दबाव देकर उन्हें फंसाती थी। बताया जा रहा है कि युवती के खिलाफ शिकायतें मिल रहीं थीं लेकिन ठोस साक्ष्य के अभाव में पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही थी।
मंगलवार की देर शाम फायरिंग के मामले में पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस को उसके पास से आपराधिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
जानकारी के मुताबिक अंतिमा मूलरूप से हरपुर-बुदहट क्षेत्र की रहने वाली है। उसके महंगे रहन-सहन और दोस्तों के साथ घूमने-फिरने के शौक के कारण परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। सोशल मीडिया पर उसके साढ़े सात हजार फॉलोअर हैं और अब तक उसने 700 से अधिक रील्स पोस्ट कीं हैं। इंस्टा की रील में कई पुलिसवालों और नेताओं के साथ भी वह नजर आ रही है।
पुलिस के अनुसार अंतिमा और उसके छह साथियों के खिलाफ 12 अक्तूबर 2025 को थार चोरी करने और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गाजीपुर के नोनहरा निवासी चंदन नारायण ने खोराबार पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि आरोपी दिल्ली से चोरी हुई थार गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं।पुलिस ने इस मामले में 13 अक्तूबर को वनसप्ती तिराहे के पास बड़हलगंज के दोरम्हा निवासी प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की और देवरिया के बरहज बाजार निवासी आकाश वर्मा उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
अंतिमा समेत चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी थी। जांच में गाड़ी में चार फर्जी नंबर प्लेट मिलीं, जिनमें दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सितंबर में दिल्ली से गाड़ी किराए पर ली और उसे लेकर भाग गए थे। पकड़े जाने के डर से फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में फर्राटा भर रहे थे। दो साथियों की गिरफ्तारी के बाद अंतिमा कम सक्रिय रह रही थी।
मंगलवार की शाम अंतिमा अपने दोस्तों के साथ घटनास्थल पर रुकी थी, इसी बीच उसका विवाद हो गया। जिसमें अमिताभ को गोली लग गई। उसके पास पिस्टल कहां से आई इसकी भी जांच की जा रही है। CO कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि अंतिमा पर खोराबार थाने में चोरी का मामले पहले से दर्ज है। हालांकि उसमें उसने अग्रिम जमानत ले रखी है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। युवती की गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने संपर्कों और मामलों की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने किन-किन लोगों को ब्लैकमेल किया और कितनी रकम वसूली। युवक को गोली मारने के मामले में अंतिमा समेत चार पर हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया है।
Published on:
21 Jan 2026 04:37 pm
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