29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गाज़ियाबाद, May 25, 2026

गाजियाबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 20 से ज्यादा लोग फंसे, 4 जिलों की दमकल गाड़ियां मौके पर

Ghaziabad Factory Fire: गाजियाबाद की एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में सोमवार को भीषण आग लग गई। 20 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है। 25 से ज्यादा दमकल गाड़ियों रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं।

Ghaziabad factory fire news, Elin Electronics fire Ghaziabad, NH-24 industrial area fire accident

गाजियाबाद की एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में लगी आग। PC: ANI

गाजियाबाद में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एनएच-24 से सटे इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स की पांच मंजिला फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि उसका काला धुआं 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के बाद इलाके में मच गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर करीब 20 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। दमकल और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बिल्डिंग के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

25 से ज्यादा गाड़ियां आग पर काबू पाने में जुटीं

आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 25 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर तैनात हैं। गाजियाबाद के अलावा नोएडा, हापुड़ और बुलंदशहर से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गई हैं। आग की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के इलाके को खाली कराना शुरू कर दिया।

CNC मशीन से भड़की आग

बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में लगी एक CNC मशीन अचानक ज्यादा गर्म हो गई, जिसके बाद उसमें आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री में पंखे, लाइट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाए जाते हैं। अंदर बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।

दमकलकर्मियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिल्डिंग के अंदर धुआं भर जाने के कारण फायर कर्मियों ने कई जगहों पर लगे शीशे तोड़ दिए, ताकि खिड़कियों के जरिए पानी की बौछार अंदर डाली जा सके।

फैक्ट्री में बनते हैं 200 तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद

फैक्ट्री परिसर पांच बड़े प्लॉट्स में फैला हुआ है और यहां करीब 200 तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाए जाते हैं। कंपनी में 24 घंटे शिफ्ट के आधार पर काम होता है। बताया जा रहा है कि हर समय यहां 500 से 600 कर्मचारी मौजूद रहते हैं, जबकि कुल कर्मचारियों की संख्या 800 से 1000 के बीच है।

घटना के दौरान सबसे बड़ा खतरा फैक्ट्री के बाहर खड़े अमोनिया गैस से भरे टैंकरों से था। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने करीब 20 टैंकरों को तुरंत वहां से हटवाकर एक किलोमीटर दूर खड़ा कराया। इससे बड़ा हादसा टल गया।दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से गुजर रहे लोगों को भी आसमान में धुएं का विशाल गुबार साफ दिखाई दे रहा है। फिलहाल दमकल विभाग आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटा है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें