
Uttar Pradesh Budget 2026 Live Updates: यूपी बजट 2026 का 9 लाख 12 हजार 696.35 करोड़ रुपए है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को यूपी बजट 2026-27 पेश करने जा रहे हैं। यूपी बजट 2026 को लेकर पूरे पद्रेश की नजरें हैं। उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27 अब तक का सबसे बड़ा है, जिसमें कुल 9.12 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल से करीब 13% अधिक है। हालांकि राज्य बजट में सीधे टैक्स स्लैब या कई वस्तुओं पर बड़े बदलाव नहीं हैं, लेकिन केंद्र के यूनियन बजट 2026 के असर से यूपी के लोगों पर कई चीजों के दाम प्रभावित होंगे। केंद्र ने कस्टम ड्यूटी, TCS और अन्य टैक्स में बदलाव किए हैं, जिससे कुछ चीजें सस्ती और कुछ महंगी हो सकती हैं। यूपी में रहने वाले मरीजों, आम उपभोक्ताओं और यात्रियों को इसका सीधा फायदा या नुकसान होगा। आइए विस्तार से देखें।
यह योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का 10वां बजट है। साथ ही, यह राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) के 2022 में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के बाद चौथा सबसे बड़ा बजट है। सुरेश खन्ना लगातार छठी बार यूपी विधानसभा में बजट पेश करने वाले प्रदेश के पहले वित्त मंत्री बन गए हैं।
कुछ गंभीर रोगों की दवाइयाँ सस्ती
कैंसर, शुगर (डायबिटीज) और दुर्लभ बीमारियों की कई महत्वपूर्ण दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। कुल 17 कैंसर ड्रग्स पर ड्यूटी छूट मिली है, साथ ही 7 रेयर डिजीज की दवाओं और स्पेशल मेडिकल फूड पर भी राहत है। इससे यूपी के लाखों मरीजों को इलाज का खर्च कम होगा, क्योंकि आयातित दवाएं सस्ती पड़ेंगी।
बीड़ी, जूते, बैटरी आदि रोजमर्रा के सामान
रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई चीजों जैसे बीड़ी, जूते (लेदर फुटवियर), बैटरी और संबंधित सामानों पर टैक्स राहत या इनपुट्स पर ड्यूटी कम होने से कीमतें घटने की उम्मीद है। लेदर प्रोडक्ट्स के लिए वेट ब्लू लेदर जैसे इनपुट्स ड्यूटी-फ्री हो गए हैं, जिससे जूतों के दाम कम हो सकते हैं।
माइक्रोवेव ओवन, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल
माइक्रोवेव ओवन के स्पेशलाइज्ड पार्ट्स, मोबाइल फोन के कंपोनेंट्स (जैसे कनेक्टर्स, PCBA, बैटरी कवर) पर ड्यूटी घटी है। इससे लोकल असेंबली बढ़ेगी और इन इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की कीमतें आम आदमी के लिए सस्ती हो सकती हैं। EV बैटरी और सोलर पैनल से जुड़े सामान भी सस्ते होने की संभावना है।
विदेश यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा खर्च
लाइब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत विदेश यात्रा, टूर पैकेज, शिक्षा और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भुगतान पर TCS की दर 5-20% से घटाकर 2% कर दी गई है। इससे विदेश जाने वाले छात्रों, मरीजों और पर्यटकों का खर्च पहले से कम होगा। पर्सनल यूज के लिए इम्पोर्टेड सामान पर ड्यूटी भी 20% से 10% हो गई है।
कोयला, कुछ इम्पोर्टेड सामान और खासकर शराब/बीयर पर इंडायरेक्ट टैक्स या एक्साइज में बढ़ोतरी के कारण ये महंगे हो सकते हैं। TCS on alcohol बढ़ने से भी रिटेल प्राइस प्रभावित हो सकती है। विदेशी लग्जरी प्रोडक्ट्स, इम्पोर्टेड अल्कोहल, कुछ फर्टिलाइजर इनपुट्स, कॉफी मशीन और अन्य लग्जरी गुड्स पर आयात शुल्क बढ़ने से उनकी कीमतें ऊपर जा सकती हैं। टोबैको प्रोडक्ट्स (च्यूइंग टोबैको, जर्दा) पर टैक्स 60% तक बढ़ा है, जिससे ये महंगे होंगे।
Updated on:
11 Feb 2026 12:24 pm
Published on:
11 Feb 2026 10:56 am
Big News
View AllLucknow
Uttar Pradesh
Trending
