धौलपुर, May 29, 2026

धौलपुर. एनएच 44 (आगरा रोड) के पास एनएच 123 के ओवरब्रिज से आता ट्रैफिक। फोटो पत्रिका
Dholpur Bypass : बाइपास निर्माण किसी शहर को बाहरी ट्रैफिक से निजात दिलाने के लिए होते हैं, जिससे शहरी क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही न हो और स्थानीय ट्रैफिक भी न बिगड़े…। इसको ध्यान में रखते हुए धौलपुर शहर में दो बाईपासों का निर्माण होना है। दोनों की बाईपास आपस में राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेंगे। लेकिन फिलहाल बाईपास के लिए जमीन के बदले जमीन की उपलब्धता को लेकर पेच फंसा हुआ है। धौलपुर शहर के नजदीक करोड़ों की जगह उपलब्ध कराने को अब जिम्मेदारी खस्ताहाल में चल रही है नगर परिषद प्रशासन को सौंपी है। वहीं, सूत्रों के अनुसार एनएच-123 और एनएच-।।बी को जोड़ने के लिए बन रहे बाइपास के एलाइनमेंट भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
खास बात ये है कि नवीन बाइपास को भी करीब एक किलोमीटर तक हाइवे के समांतर निकाला जा रहा है, जिससे भरतपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को अतिरिक्त घूमना होगा, जिससे वाहन चालकों पर भविष्य में अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। सूत्रों के अनुसार बाइपास के एलाइनमेंट को लेकर उच्चाधिकारी ज्यादा कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
उधर, गत दिनों मुख्यालय पर बाइपास निर्माण को लेकर बाहर से आई कंसलटेंसी टीम ने चर्चा की। बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, नगर परिषद समेत अन्य विभागों के अधिकारी भी सम्मिलित हुए थे। इसमें एनएच-123 को एनएच-11बी से जोड़ना वाले बाइपास विशेष है।
सूत्रों के अनुसार बाइपास का कुछ हिस्सा जो करीब एक किलोमीटर होगा वह समांतर है जबकि यह पहले थर्मल पावर की चारदीवारी से चांदपुर द्वितीय रेलवे पुलिया के पास जोड़ना था। लेकिन अब इसको आगे ले जाया गया है। इस बदलाव से भविष्य में वाहनों को अतिरिक्त फेरा काटना होगा।
शहर के बाहरी इलाके में बनने वाले दोनों बाईपास तीन राष्ट्रीय राजमार्गों से भी जुड़ेंगे। इसमें एनएच 123 (धौलपुर, भरतपुर) से एनएच 11 बी (धौलपुर-लालसोट) को जोड़ इससे जयपुर और भरतपुर की तरफ से आने वाला ट्रैफिक जो विशेषकर करौली की तरफ जाना है, वह इस बाईपास से गुजर सकेगा।
इसी तरह बाईपास एनएच 44 (आगरा-मुंबई हाइवे) से स्टेट हाइवे 2ए (धौलपुर-राजाखेड़ा) को कनेक्ट करेगा। इससे राजाखेड़ा की तरफ जाने वाला यातायात शहर में बिना प्रवेश के जा सकेगा। दोनों परियोजना पर करीब 286 करोड़ से अधिक की लागत आनी है।
एनएच 123 से एनएच 11 बी को जोड़ने वाले बाईपास के लिए करीब 154.64 करोड़ रुपए और दूसरे बाईपास एनएच 44 से स्टेट हाइवे 2 को कनेक्ट करने के लिए 131.70 करोड़ रुपए सड़क निर्माण पर खर्च होंगे। धौलपुर उपखंड क्षेत्र में बनने वाले दोनों बाईपास क्षेत्र के लिए करीब 29 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है।
उधर, पीडब्ल्यूडी एक्सइएन ने बताया कि बैठक में चर्चा हुई थी। अब नगर परिषद को जमीन उपलब्ध करानी है। वहीं, नगर परिषद एक्सइएन गुमान सिंह ने बताया कि बैठक में चर्चा हुई थी। काम हो रहा है।
उधर, बाईपास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन को सौंपी है। लेकिन नगर परिषद की हालत पहले ही पतली है। खास बात ये है कि बाइपास बजट घोषणा के चलते प्रशासनिक अधिकारी खासा माथापच्ची कर रहे हैं। वहीं, नगर परिषद के पास जमीन का संकट है और पूर्व में परिषद की ओर से चंबल परियोजना के 132 केवी जीएसएस निर्माण के लिए जगह उपलब्ध करवाई थी लेकिन उसके बदले में परिषद का कोई फायदा नहीं हुआ।
इसी तरह परियोजना के लिए लाइन डाली गई थी, उसमें भी परिषद को दूसरी एजेंसी से कोई लाभ नहीं मिला। ऐसे में अब बाइपास के लिए जमीन उपलब्ध करवाना ढेड़ी खीर साबित होता नजर आ रहा है। करोड़ों की जमीन के बदले उतनी की कीमत जमीन संबंधित काश्तकार या भूमि मालिक को देनी होगी। यानी मुआवजा नहीं मिलेगा।
बाइपास निर्माण के लिए जमीन समेत अन्य विषयों पर चर्चा हुई है। इस योजना में जमीन के बदले जमीन देने का प्रावधान है, ऐसे में संबंधित विभाग को भूमि की जानकारी देने के लिए कहा है। श्रीनिधि बी टी, जिला कलक्टर धौलपुर
Published on: 29 May 2026 11:39 am

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