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धार भोजशाला में नमाज या वसंतोत्सव पूजा पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, नमाज या वसंतोत्सव?

Dhar Bhojshala: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, दिया बड़ा फैसला, फैसले पर प्रशासन दोनों पक्षों के साथ कर रहा बैठक... जानें क्या है वजह?

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धार

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Sanjana Kumar

Jan 22, 2026

Dhar Bhojshala Supreme Court Order

Dhar Bhojshala Supreme Court Order: धार भोजशाला में भारी पुलिस बल तैनात है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है।

Dhar Bhojshala: नौ साल बाद 23 जनवरी को वसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है। केंद्रीय पुरातत्व विभाग (ASI) के अधीन भोजशाला में वाग्देवी की आराधना और जुमे की नमाज एक साथ होने हैं। लेकिन इससे पहले ही यहां हालात एक बार फिर संवेदनशील हो गए। उत्सव समिति ने जहां वसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड पूजा का आह्वान करने का संकल्प लिया था। वहीं मुस्लिम समाज ने सांकेतिक नमाज अदा करने की बात कही। मामले को तूल पकड़ता देख प्रशासन अलर्ट मोड में आया और धार का भोजशाला को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। मामले को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।

बता दें कि दिनभर पूजा की अनुमति के लिए हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस पहले से ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुका था। वहीं मुस्लिम समाज भी शीर्ष कोर्ट पहुंचा था। कोर्ट में आज गुरुवार को मामले में सुनवाई की गई। दोनों पक्षों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया।

यहां पढ़ें कोर्ट का पूरा फैसला

वसंत पंचमी उत्सव और जुमा की नमाज पर ये विवाद आज का नहीं बरसों पुराना है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने एसआई के आदेश को ही यथावत रखा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक कल 23 जनवरी को हिंदू वसंतपूजा कर सकेंगे। लेकिन 1-3 बजे तक नमाज पढ़ने का समय रहेगा।

दोनों पक्षों के साथ बैठक की तैयारी कर रहा प्रशासन

हालांकि जानकारी ये भी मिल रही है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने अखंड पूजा की अनुमति मांगी थी कि पूजा बीच में रोकी नहीं जाएगी। ऐसे में चर्चा है कि आदेश में नमाज पढ़ने की जगह यहां स्थित दरगार का परिसर तय किया जा सकता है। प्रशासन इसके लिए दोनों पक्षों के साथ बैठक की तैयारी कर रहा है। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। मामले में वकील राजेश नावले का कहना है कि सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग और आदेश दोनों की स्थिति एक जैसी नहीं हो सकती। आदेश की कॉपी हाथ में आने का इंतजार करें।

एएसआई के त्रुटिपूर्ण आदेश को लेकर कोर्ट पहुंचा था हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस

बता दें कि 8 अप्रैल 2003 के एएसआई के आदेश के मुताबिक हिंदुओं को पूजा करने और जुमे को 1-3 बजे तक नमाज अदा करने का उल्लेख किया गया है। इसी आदेश में वसंत पंचमी पर हिंदू समाज पहले से ही पूजा करता आ रहा है, इसलिए कहा गया कि हिंदू समाज पूजा करेगा। लेकिन इसमें ये उल्लेख नहीं था कि अगर जुमा और वसंत पंचमी एक साथ आ रहा है तो क्या स्थिति रहेगी?

इतने सालों से चल रहा विवाद

1998, 2003, 2006, 2013, 2016 ये साल ऐसे थे जब वसंत पंचमी और जुमा एक साथ पड़ा। ये विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। जिसे कोर्ट ने यथावत रखते हुए आज बड़ा फैसला सुना दिया है।

बता दें कि इस साल 2026 में एक बार फिर वसंत पंचमी और जुमे की नमाज का दिन एक साथ आया है। 23 जनवरी यानी कल भोजशाला में अखंड पूजन और जुमे की नमाज को लेकर बनी विवादास्पद स्थिति के दौरान शांति और सद्भावना को बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बुधवार 21 जनवरी को ही अधिकारियों ने स्थितियों का जायजा लिया। गुरूवार की सुबह भोजशाला पुलिस छावनी बन चुका था। यहां हर शख्स कैमरे की जद में रहेगा, सुरक्षा के लिए अधिकारियों समेत 7000 से ज्यादा पुलिस जवान मैदान में हैं।

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