
प्रतीकात्मक एआई जनरेटेड फोटो
Indore-Manmad Rail Line: मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली प्रस्तावित मनमाड़-इंदौर रेल लाइन परियोजना को लेकर सालों से चल रहे संघर्ष के बाद अब जमीनी स्तर पर काम तेज हो गया है। रेलवे अधिकारियों ने धुले जिले के बोरवीर इलाके में लगभग 120 मीटर लंबी पटरी बिछाने की तस्वीरें साझा की हैं, जो यह संकेत देती हैं कि मनमाड़ से काम शुरू हो गया है।
मनमाड़-इंदौर रेल संघर्ष समिति के मनोज मराठे ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य को परियोजना की ताजा प्रगति से अवगत कराया। मनमाड़ से इंदौर तक अधिकांश भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, सिवाय धार जिले के। आयोग अध्यक्ष ने धार कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले महीने स्थल का दौरा करने का भी ऐलान किया।
आगे आर्य ने बताया कि अधिग्रहण पूरा होने के बाद धुले-नरडाणा खंड सहित मनमाड़ से आंबेडकर नगर (महू) तक के 306 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर पटरी बिछाने का काम रफ्तार पकड़ेगा। सेंधवा अनुविभाग में अधिग्रहण संबंधी विवरण अनुविभागीय अधिकारी ने रेलवे को भेज दिया है। रेलवे अगले 10 दिनों में सेंधवा और मालवन तहसीलों की अधिग्रहण सूची जारी कर सकता है।
दो राज्यों के 13 जिलों से होकर गुजरने वाली इस 309 किलोमीटर लंबी इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को 18,036 करोड़ रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। इससे इंदौर न केवल मुंबई और दक्षिण भारत से जुड़ेगा। साथ-साथ औद्योगिक हब के रूप में मजबूत कनेक्टिविटी भी हासिल होगी।
महू के 18 गांवों में 943 किसानों की 131.49 हेक्टेयर जमीन के लिए रेलवे ने अधिसूचना जारी कर दावे-आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इसके बाद मुआवजा निर्धारण और जमीन हस्तांतरण होगा, जिसके बाद पटरी बिछाने का टेंडर प्रक्रिया चलेगी। इस कार्य में करीब 3 महीने का समय लग सकता है। इसी कड़ी में रेलवे ने 77 लाख रुपये का टेंडर जारी किया है, जिसके तहत मनमाड़ से महू तक ड्रोन सर्वे और जियो-टैगिंग होगी। मनमाड़ से यह सर्वे पहले ही शुरू हो चुका है।
Published on:
17 Jan 2026 04:16 pm
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