17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हरिद्वार में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, रिश्वत लेते जिला पूर्ति अधिकारी और सहायक गिरफ्तार

Haridwar vigilance raid : विजिलेंस विभाग ने हरिद्वार जनपद में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

2 min read
Google source verification

रिश्वत लेते पूर्ति जिलाधिकारी और सहायक गिरफ्तार, PC- Patrika

हरिद्वार : उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्त नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में विजिलेंस विभाग ने हरिद्वार जनपद में बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक को ₹50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों को देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर पकड़ा।

दोनों को टीम ने किया गिरफ्तार

विजिलेंस विभाग को लंबे समय से हरिद्वार जिला पूर्ति कार्यालय से जुड़े इन अधिकारियों की रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद टीम ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। रिश्वत की रकम लेते ही विजिलेंस टीम ने दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने जिला पूर्ति कार्यालय में ही दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही कार्यालय से जुड़े अभिलेखों, फाइलों और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रष्टाचार का यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल है।

भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई को लेकर दोहराया कि राज्य सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा को जनता की सेवा मानते हुए यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग करता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विजिलेंस, एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बीते वर्षों में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है। रिश्वत लेते अधिकारियों की गिरफ्तारी, अवैध संपत्ति पर कार्रवाई और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों पर विभागीय दंड जैसी कार्रवाइयों से शासन ने साफ संदेश दिया है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी भ्रष्टाचार की शिकायत हो, तो वे निःसंकोच संबंधित माध्यमों से सूचना दें। सरकार शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। हरिद्वार में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार मुक्त और सुशासन युक्त उत्तराखंड की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।