
चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, 19 अप्रैल से खुलेंगे यात्रा के कपाट (फोटो सोर्स : उत्तराखंड भाषा WhatsApp News Group)
Char Dham Yatra 2026 Registration Begins: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह 7 बजे से श्रद्धालु आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष भी यात्रा पर जाने से पहले पंजीकरण अनिवार्य होगा।
राज्य प्रशासन के अनुसार तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों- यमुनोत्री मंदिर, गंगोत्री मंदिर, केदारनाथ मंदिर और बदरीनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने पहले से ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।
1.24 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन, केदारनाथ धाम के लिए अधिक आवेदन
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध Char Dham Yatra के लिए इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह पहले ही दिन देखने को मिला। 6 फरवरी से चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। पहले ही दिन करीब 1.24 लाख श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण करवा लिया। इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, जबकि Kedarnath Temple के कपाट 22 अप्रैल को और Badrinath Temple के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे।
चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू होते ही देशभर के श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहले दिन ही 1.24 लाख से अधिक लोगों ने यात्रा के लिए अपना पंजीकरण कराया। सबसे अधिक पंजीकरण केदारनाथ धाम के लिए हुआ है। इसके अलावा बद्रीनाथ, Gangotri Temple और Yamunotri Temple धाम के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आवेदन किया है।
उत्तराखंड सरकार और पर्यटन विभाग के अनुसार इस वर्ष चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से विधिवत रूप से शुरू होगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के आसपास होती है, जब गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह 7 बजे से चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। श्रद्धालु आधिकारिक पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं।
पंजीकरण के दौरान यात्रियों को अपना नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र की जानकारी और यात्रा की तिथि दर्ज करनी होगी। इसके बाद उन्हें एक क्यूआर कोड आधारित पंजीकरण स्लिप जारी की जाएगी, जिसे यात्रा के दौरान अपने साथ रखना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रा मार्गों पर भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
चारधाम यात्रा के शुभारंभ की तारीखें भी घोषित कर दी गई हैं। परंपराओं के अनुसार सबसे पहले यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलते हैं।
इन तिथियों के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा और देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचेंगे।
ऑनलाइन पंजीकरण के साथ-साथ राज्य सरकार ने ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था की है। जिन श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी होती है, वे 17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन केंद्रों पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र प्रमुख शहरों और यात्रा मार्गों पर स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रशासनिक कर्मचारी यात्रियों की मदद करेंगे। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध होने से ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु आसानी से पंजीकरण करा सकेंगे।
राज्य सरकार ने साफ किया है कि चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी यात्री को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में यात्रा के दौरान भीड़ और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए यह व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है। पंजीकरण से यह भी पता चल सकेगा कि किस दिन कितने यात्री किस धाम की यात्रा कर रहे हैं। इससे प्रशासन को आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रैफिक प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए उत्तराखंड सरकार और प्रशासन की ओर से कई तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई गई है। इसके अलावा प्रमुख पड़ावों पर चिकित्सा सुविधाएं, एंबुलेंस सेवा और आपदा राहत दल भी तैनात किए जाएंगे। यात्रा मार्गों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर साल देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। पिछले वर्षों में चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि सरकार ने इस बार भी यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं।
राज्य सरकार और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपना पंजीकरण अवश्य करा लें और यात्रा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का विशेष ध्यान रखें। सरकार का मानना है कि यात्रियों के सहयोग से ही चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और सफल बनाया जा सकता है।
Updated on:
07 Mar 2026 03:20 pm
Published on:
06 Mar 2026 10:07 am
बड़ी खबरें
View Allदेहरादून
उत्तराखंड
ट्रेंडिंग
