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पंचायत और निकाय चुनावों की आहट से सक्रिय हुए राजनीतिक दल,

जानकारी के अनुसार जिले में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य शुरू होने जा रहा है। वार्डों के प्रारूप प्रकाशन के बाद मांगी गई आपत्तियों के लिए सात दिनों की समय दिया गया था। इसी सप्ताह में यह कार्य पूर्ण होना है।

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राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव। फोटो: पत्रिका

राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव। फोटो: पत्रिका

चूरू. प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव कब होंगे, सरकार चुनाव कब तक करवाएंगी, सत्ता पक्ष में फुस्सफुसाह, अकुलाहट और विपक्ष की ओर से डर कर चुनाव से भागने का आरोप, सरकार की ओर से दिए जाने वाले स्पष्टीकरण के बीच न्यायालय का निर्णय आने के बाद अब चुनाव करवाने के लिए जहां निर्वाचन विभाग सक्रिय हो गया है, वहीं राजनीतिक दलों में हलचल तेज हो गई है। मरुस्थलीय जिले चूरू (Desert District Churu) में पंचायत राज संस्थाओं में जिला परिषद, जिले की 12 पंचायत समितियों के वार्डों के पुनर्सीमांकन, पुनर्गठन आदि कार्य कर गठित वार्डों का प्रारूप प्रकाशित कर आपत्तियां मांगी गई है। निर्वाचन विभाग निर्वाचक नामावलियों के कार्य को गति दे रहा है तथा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी होनेवाले दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता का भेजा प्रस्ताव
चुनाव की शुरू हुई तैयारियों के बीच यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा (UDH Minister Jhabar Singh Kharra) ने पंचायती राज और नगर निकाय चुनाव में शैक्षणिक योग्यता लागू करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेज दिया है। जानकारी के अनुसार सरपंच के लिए 10 या 12वीं पास शैक्षणिक योग्यता का प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि नगर निकायों के सभापति और पालिका अध्यक्षों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के प्रस्ताव की तैयारी भी की जा रही है। इसलिए यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी तो आनेवाले चुनाव में बिना शैक्षणिक योग्यता वाले लोग चुनाव में नहीं उतर पाएंगे। हालांकि पूर्व में भाजपा सरकार की ओर से 2015 में यह नियम लागू किया था, जिसमें वार्ड पंच को छोड़कर सरपंच के लिए 8वीं शैक्षणिक योग्यता तय की गई थी। 2019 में कांग्रेस की सरकार बनी तो यह नियम हटा दिया गया था।

मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण
जानकारी के अनुसार जिले में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य शुरू होने जा रहा है। वार्डों के प्रारूप प्रकाशन के बाद मांगी गई आपत्तियों के लिए सात दिनों की समय दिया गया था। इसी सप्ताह में यह कार्य पूर्ण होना है। जनवरी माह में पुनरीक्षण और फरवरी माह में प्रारूप प्रकाशन आदि का कार्य होना प्रस्तावित है। हालांकि इसी बीच फरवरी माह में ही एसआइआर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होना भी प्रस्तावित है।

कई कार्य योजना के बीच चुनाव
एसआईआर (SIR), जनगणना, वार्डों के गठन पर आपत्तियों के निस्तारण, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के बीच पंचायत और निकाय संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी है। हालांकि अभी चुनाव के लिए कोई अधिकारिक सूचना प्रकाशित नहीं हुई है। फिर भी राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज एवं नगर निकाय चुनावों में विभिन्न पदों पर चुनाव खर्च की सीमा पुनर्निर्धारित की है। इसके अलावा प्रचार प्रसार से संबंधित दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

राजनीतिक दल हुए सक्रिय
पंचायत राज और नगरीय निकाय के 2026 में होने की आहट के साथ चूरू जिले में राजनीतिक दल सक्रिय हो गए है। भाजपा की ओर से बूथ लेवल कार्यकर्ताओं की कार्यशाला आयोजित कर पार्टी के वरिष्ठ नेता जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से भी बूथ लेवल कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर पार्टी के वरिष्ठ नेता आवश्यक जानकारी प्राप्त कर रहे हैँ।

राजनीतिक दलों को लाटरी का इंतजार
पंचायत राज संस्थाओं में जिला प्रमुख, प्रधान, सरपंच और वार्ड पंचों के लिए आरक्षित होनेवाले वार्डों के लिए लाटरी निकलने का राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटे लोग कर रहे हैँ। इसकी प्रकार नगर निकायों में सभापति, पालिका अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के आरक्षित वार्डों के लिए लाटरी निकाली जानी है। जिसका कार्यकर्ताओं को इंतजार है।

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