17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chittorgarh : ‘नेहा तंवर’ बनी ‘धृशाप्रभा’, चिराग मुनि के आशीर्वाद से ली पूर्ण दीक्षा, पूरा पांडाल जयकारों से गूंजा

Chittorgarh : चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में अष्ट दिवसीय दीक्षा महोत्सव के अंतिम सोपान पर, पंजाब की मुमुक्षु नेहा ने सांसरिक मोह-माया का त्याग कर ‘जिनशासन’ की कठिन डगर पर अपने कदम बढ़ा दिए हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
Neha Tanwar became Dhrishaprabha Chirag Muni blessings Full initiation entire pandal resonated with cheers

चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में ‘नेहा तंवर’ बनी ‘धृशाप्रभा’। फोटो पत्रिका

Chittorgarh : धर्म और अध्यात्म की पावन धरा चित्तौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी में सोमवार को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संगम देखने को मिला। अष्ट दिवसीय दीक्षा महोत्सव के अंतिम सोपान पर, पंजाब की मुमुक्षु नेहा ने सांसरिक मोह-माया का त्याग कर ‘जिनशासन’ की कठिन डगर पर अपने कदम बढ़ा दिए हैं।

ओजस्वी वक्ता चिराग मुनि के आशीर्वाद से संपन्न हुई इस विधि-विधान पूर्ण दीक्षा ने पूरे वातावरण को वैराग्य के रंग में सराबोर कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

नेहा से ‘धृशाप्रभा’ तक का आध्यात्मिक रूपांतरण

कल तक जो साधिका संसार के लिए ‘नेहा’ थी, संयम पथ अपनाते ही अब वे ‘नव दीक्षिता धृशाप्रभा’ के नाम से जानी जाएंगी। दीक्षा स्थल पर पहली बार मंगल पाठ सुनाकर उन्होंने अपने नव-संयमी जीवन का श्रीगणेश किया।

उसी वटवृक्ष के नीचे फिर गूंजा जयकारा

इसी वट वृक्ष के नीच बड़ी सादड़ी की एक बहन को दीक्षा प्रदान की गई थी। 15 वर्ष अंतराल के बाद, उसी ऐतिहासिक दीक्षा वटवृक्ष के नीचे मुमुक्षु नेहा को दीक्षा प्रदान की गई। जैसे ही दीक्षा की रस्में पूरी हुईं, पूरा पांडाल गुरुदेव जैन दिवाकर और गुरुदेव धर्म मुनि के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं की आंखें इस अलौकिक दृश्य को देखकर हर्ष और भक्ति से भर आईं।


बड़ी खबरें

View All

चित्तौड़गढ़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग