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MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी घूस लेते पकड़ा जाता है। ऐसा ही मामला छिंदवाड़ा जिले से सामने आया है। जहां एक कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा दिव्यांग नर्सिंग ऑफिसर के पदस्थापना के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी।
आवेदिका पुष्पा वडघरे नर्सिंग आफिसर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला ब्लॉक पिण्डरईकला में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में कराने के बदले आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी के द्वारा 50 हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी। लोकायुक्त ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सी.एम. एच.ओ कार्यालय में दबिश देते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र यदुवंशी को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।
पीड़िता ने जबलपुर लोकायुक्त में 22 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के दौरान मामला सही पाया। जिसके बाद गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जिसके बाद आज उसे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
बीते दिनों नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा बरकड़े ने सीएमएचओ ऑफिस में अटैचमेंट का आवेदन दिया था। जनसुनवाई में कलेक्टर ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया था और सीएमएचओ को निर्देश दिए थे कि उन्हें कार्यालय में अटैच कर दिया जाए। जब पुष्पा आदेश लेकर पहुंची तो कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा रिश्वत मांगी गई।
बीते दिनों, छतरपुर जिले की नगर परिषद बकस्वाहा में एक महिला अधिकारी और सब-इंजीनियर 30 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाए थे।
Updated on:
02 Feb 2026 04:26 pm
Published on:
02 Feb 2026 04:25 pm

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