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‘आवारा कुत्तों’ को रोकेंगे सरकारी और प्राइवेट स्कूल के टीचर्स, सख्त निर्देश जारी

MP News: जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लें।

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stray dogs

stray dogs प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News:मध्यप्रदेश में छतरपुर जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी छतरपुर ने सभी स्कूल प्राचार्यों और प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर आदेश दिए हैं कि किसी भी विद्यालय परिसर में आवारा कुत्तों का प्रवेश किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए। विभाग का मानना है कि आवारा कुत्तों के कारण विद्यार्थियों के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है, इसलिए पहले से सतर्कता बरतना आवश्यक है।

बन सकती खतरे की स्थिति

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लें। विद्यालय परिसर में बच्चों का दिनभर आवागमन रहता है और ऐसे में आवारा कुत्तों की मौजूदगी से डर और खतरे की स्थिति बन सकती है। इसी कारण सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो इस पूरी व्यवस्था का प्रभारी रहेगा। नोडल अधिकारी के साथ विद्यालय स्तर पर एक निगरानी दल भी गठित किया जाएगा। यह दल नियमित रूप से स्कूल परिसर का निरीक्षण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी समय आवारा कुत्ते विद्यालय परिसर में प्रवेश न कर सकें।

जारी किए गए निर्देश

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्कूल में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बनी रहती है, तो संबंधित विद्यालय प्रबंधन स्थानीय नगर पालिका, नगर परिषद या पंचायत तथा अन्य संबंधित विभागों से समन्वय कर समाधान सुनिश्चित करेगा।

समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करना और आवश्यक कदम उठाना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी एएस पाण्डेय ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा शिक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर घटना का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि सभी स्कूलों में सुरक्षित, अनुशासित और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।