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चंदौली, Jun 01, 2026

समाजवादी पार्टी की नेता से मारपीट के मामले में नया ट्विस्ट! गवाह ने बताया पूरा सच, वीडियो हुआ था वायरल

Latest Update In Samajwadi Party Leader Assault Case: समाजवादी पार्टी की नेता से मारपीट के मामले में नया ट्विस्ट सामने आया है। गवाह ने बताया पूरा सच बताया है।

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समाजवादी पार्टी की नेता से मारपीट के मामले में नया अपडेट। फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब

Latest Update In Samajwadi Party Leader el Assault Case:उत्तर प्रदेशके चंदौली जिले में समाजवादी पार्टी महिला सभा की जिलाध्यक्ष पर हुए हमले के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। घटना से जुड़े वायरल वीडियो को लेकर एक कथित गवाह ने अपना पक्ष सार्वजनिक किया है और कई अहम दावे किए हैं। महिला नेता पर हाल ही में मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में उनके घर में घुसकर हमला किए जाने का आरोप लगा था। वह जलीलपुर चौकी क्षेत्र के मढ़िया गांव की निवासी हैं।

वायरल वीडियो में खुद और परिवार के दिखने का दावा

मामले में सामने आए कथित गवाह का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वह स्वयं, उनकी पत्नी, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका और महिला नेता के परिवार का करीब 15 वर्षों से परिचय है और दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद भी चल रहा है।

सपा कार्यालय की बैठक से जुड़ी बताई पृष्ठभूमि

गवाह के अनुसार, हाल ही में समाजवादी पार्टी के लखनऊ स्थित कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें वह भी शामिल हुए थे। उनका आरोप है कि बैठक के दौरान सिद्धांत जायसवाल ने उन्हें देख लिया था। बाद में इस संबंध में उनके परिवार को जानकारी दी गई, जिसके बाद कई तरह की गलतफहमियां पैदा हो गईं।

जमीन विवाद को बताया झगड़े की असली वजह

कथित गवाह का कहना है कि विवाद की जड़ जमीन से जुड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि कड़वट क्षेत्र की भूमि को लेकर पहले भी कई बार बातचीत और विवाद हो चुका है। उनके अनुसार, परिवार के कुछ लोगों को इस तरह प्रभावित किया गया कि वे महिला नेता से विवाद करने पहुंच गए।

1.12 करोड़ रुपये के लेनदेन के आरोपों को बताया निराधार

गवाह ने मामले में सामने आए 1 करोड़ 12 लाख रुपये के कथित लेनदेन के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि के लेनदेन का कोई आधार नहीं है। उनका तर्क है कि यदि छोटी रकम का भी लेनदेन होता है तो उसका लिखित रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, ऐसे में इतनी बड़ी रकम के दावे बिना दस्तावेज के विश्वसनीय नहीं हैं।

पारिवारिक शक और गलतफहमी से बढ़ा विवाद

गवाह का दावा है कि पूरे विवाद की वजह पैसों का मामला नहीं, बल्कि पारिवारिक स्तर पर पैदा हुई गलतफहमियां और शक था। उन्होंने कहा कि परिवार को यह जानकारी दी गई थी कि महिला नेता को लखनऊ ले जाया गया था, जिसके बाद तनाव बढ़ता गया और अंततः झगड़े की स्थिति पैदा हो गई।

वीडियो का सिर्फ एक हिस्सा वायरल होने का आरोप

वायरल वीडियो को लेकर भी कथित गवाह ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर घटना का केवल एक हिस्सा प्रसारित किया गया है, जबकि पूरी घटना सामने नहीं लाई गई है।

'पहले महिला नेता ने बेटे को चप्पल से मारा था'

गवाह के अनुसार, यदि पूरा वीडियो सार्वजनिक किया जाए तो उसमें यह स्पष्ट दिखाई देगा कि सबसे पहले महिला नेता ने उनके बेटे को चप्पल से मारा था। उनका दावा है कि इसी घटना के बाद विवाद और अधिक बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई।

पूरी वीडियो सार्वजनिक करने की मांग

कथित गवाह ने पूरे वीडियो को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि सच्चाई तभी सामने आएगी जब घटना का पूरा घटनाक्रम लोगों के सामने रखा जाएगा। उनके मुताबिक, वीडियो के एक हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच घटना की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है।

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