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भारत, Oct 08, 2025

केंद्रीय कर्मचारियों का बढ़ गया TA-DA, अब इस जॉब के लिए रोजाना मिलेंगे 180-940 रुपये तक

सरकार ने भत्तों में बढ़ोतरी 1 अक्टूबर से लागू कर दी है।

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ट्रैवेल अलाउंस और महंगाई भत्ता अब बढ़ा दिया गया है। (फोटो : फ्री पिक)

त्योहारों से पहले रेलवे बोर्ड ने रेल कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। बोर्ड ने रेलवे यूजर परामर्श समितियों और राष्ट्रीय रेलवे यूजर परामर्श परिषद (NRUCC) के गैर-आधिकारिक सदस्यों के लिए यात्रा भत्ता (Travel Allowance) और दैनिक भत्ता (Dearneess Allowance) दरों में संशोधन किया है। यह संशोधन 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो गया है और इससे पहले 2013 में जारी अलाउंस रेट को बदल दिया गया है। इस संशोधन का उद्देश्य सदस्यों को मिलने वाले भत्ते को वर्तमान समय के अनुसार समुचित बनाना है।

5 तरह की कमेटी शामिल

रेलवे बोर्ड ने आदेश में बताया गया है कि विभिन्न समितियों के गैर-आधिकारिक सदस्यों को मिलने वाले दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते की नई दरें तय की गई हैं। इनमें डिविजनल रेलवे यूजर परामर्श समिति (DRUCC), उपनगरीय रेलवे यूजर परामर्श समिति (SRUCC), जोनल रेलवे यूजर परामर्श समिति (ZRUCC), स्टेशन परामर्श समिति और राष्ट्रीय रेलवे यूजर परामर्श परिषद (NRUCC) शामिल हैं।

क्या हैं अलाउंस की नई दरें

डिविजनल रेलवे यूजर परामर्श समिति (DRUCC) और उपनगरीय रेलवे यूजर परामर्श समिति (SRUCC) के सदस्यों को प्रति बैठक 360 रुपये रोजाना भत्ता मिलेगा और यात्रा के दिनों के लिए 180 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पेमेंट होगा। वहीं जोनल रेलवे यूजर परामर्श समिति (ZRUCC) के सदस्यों के लिए दैनिक भत्ता 540 रुपये प्रति दिन और यात्रा के दिनों में 270 रुपये प्रति दिन तय किया गया है।

इसके अलावा स्टेशन परामर्श समिति के सदस्यों को प्रति बैठक 180 रुपये मिलेगा, पर यात्रा के लिए कोई भत्ता नहीं दिया जाएगा। राष्ट्रीय रेलवे यूजर परामर्श परिषद (NRUCC) के सदस्यों के लिए दैनिक भत्ता 940 रुपये प्रतिदिन रखा गया है। इसके अलावा, स्थानीय गैर-आधिकारिक सदस्यों को कन्वेंस का पेमेंट वास्तविक खर्च या 360 रुपये रोजाना, जो भी कम हो-दिया जाएगा।

वित्त निदेशालय ने किया फैसला

रेलवे बोर्ड के संजय मनोचा ने कहा कि यह फैसला वित्त निदेशालय की सहमति से लिया गया है और इसका उद्देश्य समिति के सदस्यों को उचित मदद देना है ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। यह संशोधन रेलवे यूजर समितियों के गैर-आधिकारिक सदस्यों को प्रोत्साहित करेगा और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देगा जिससे वे बैठक और यात्रा में आने वाली दिक्कतों से बरी हो जाएंगे।

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