29 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारत, May 25, 2026

Home Buying Tip: अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट खरीद रहे हैं? No EMI Till Possession स्कीम से बचेंगे पैसे, कुछ सावधानियां भी रखनी जरूरी

No EMI till possession: अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदने पर पजेशन मिलने तक होम लोन का ब्याज बिल्डर भरता है, जिससे खरीदार को शुरुआती राहत मिलती है। हालांकि, इसमें 2 से 3 साल की समय सीमा और लॉक-इन पीरियड जैसी शर्तें होती हैं।

Home Loan EMI

घर खरीदने से पहले No EMI till possession के बारे में जान लें। (PC: Pexels)

Home Loan EMI: अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों को बिल्डर अक्सर पजेशन तक कोई EMI नहीं (No EMI till possession) स्कीम ऑफर करते हैं। यह स्कीम होम लोन के साथ प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए होती है। यह स्कीम खासतौर पर उन मकानों के लिए होती है, जो अंडर-कंस्ट्रक्शन होते हैं, यानी कि अभी पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हुए हैं।

यह स्कीम कैसे काम करती है?

इस स्कीम में बैंक, बिल्डर और खरीदार के बीच एक त्रीपक्षीय समझौता (Three-party agreement) होता है। इसके तहत, जब तक खरीदार को पूरी तरह बना हुआ घर नहीं मिल जाता, तब तक आपके होम लोन का ब्याज बिल्डर चुकाता है। इसका मतलब यह है कि जब तक बिल्डिंग बन रही है, आपको हर महीने बैंक को कोई EMI नहीं देनी होगी।

किसको क्या फायदा मिलता है?

बिल्डर्स के लिए यह स्कीम इसलिए फायदेमंद होती है, क्योंकि इससे उनके प्रोजेक्ट जल्दी बिक जाते हैं। साथ ही, समय पर काम पूरा करने का दबाव भी रहता है, क्योंकि देरी होने पर बिल्डर का ब्याज खर्च बढ़ जाता है।

इससे खरीदार को एक बड़ी राहत मिलती है, क्योंकि उसे नए घर की EMI और मौजूदा घर का किराया एक साथ नहीं देना पड़ता। वहीं, बात करें बैंकों को इससे कैसे फायदा होता है, तो बता दें कि इससे उन्हें थोड़ी ज्यादा प्रोसेसिंग फीस और ब्याज दर मिल जाती है।

क्या रखें सावधानियां?

इस स्कीम के अंदर कुछ शर्तें भी छिपी होती हैं जिन्हें समझना जरूरी है:

  • इस स्कीम के ज्यादातर मामलों में बिल्डर सिर्फ 2 से 3 साल तक ही ब्याज भरने की गारंटी देते है, क्योंकि वे दावा करते हैं कि इतने समय में घर बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन अगर किसी वजह से प्रोजेक्ट लेट हो गया और आपको घर नहीं मिला, तो तय समय के बाद EMI चुकाने की पूरी जिम्मेदारी आपके सिर आ जाती है।
  • कई बार बिल्डर एग्रीमेंट में एक शर्त जोड़ देते हैं कि आप एक निश्चित समय तक उस प्रॉपर्टी को किसी और को बेच नहीं सकते। अगर आप समय से पहले उसे बेचते हैं, तो आपको भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • अगर बिल्डर समय पर बैंक को ब्याज नहीं चुकाता है या दिवालिया हो जाता है, तो बैंक लोन की रिकवरी के लिए आपको पकड़ता है और इससे आपके सिविल स्कोर (CIBIL Score) में गिरावट आती है।
  • आपके सामने जो भी शर्ते रखी जाती हैं, वे लिखित रूप में होने वाले एग्रीमेंट में शामिल होनी चाहिए।
  • अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदने से पहले खरीदारों को यह तय कर लेना चाहिए कि प्रोजेक्ट की लोकेशन, आने-जाने की सुविधा, आसपास की सुविधाएं उनकी जरूरतों के हिसाब से सही है या नहीं।
कमेंट्स

कोई कमेंट नहीं है।

पहले कमेंट करने वाले बनें।

कृपया पक्का करें कि आपका कमेंट हमारे नियमों एवं शर्तों के मुताबिक हो।
ट्रेंडिंग वीडियो

संबंधित खबरें