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भारत, Feb 24, 2026

10,000 रुपये की SIP से 15 साल में चुका सकते हैं 30 साल का होम लोन, जानें ये ट्रिक

30 साल के होम लोन को 15 साल में खत्म करने के लिए एसआईपी आधारित रणनीति कारगर हो सकती है। 10,000 रुपये मासिक निवेश से बड़ा फंड बनाकर एकमुश्त प्रीपेमेंट किया जा सकता है।

pay loan of 30 years in just 15 years with sip

प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

घर खरीदना हर परिवार का सपना होता है, लेकिन 30 साल का होम लोन लंबी वित्तीय जिम्मेदारी बन जाता है। लंबे टेन्योर में ब्याज की रकम मूलधन से भी ज्यादा हो सकती है, जिससे कुल भुगतान काफी बढ़ जाता है। ऐसे में एसआईपी के जरिये निवेश कर 30 लाख रुपये का लोन 15 साल में खत्म करने की रणनीति वित्तीय स्थिति सुधारने में सहायक हो सकती है।

होम लोन और ईएमआई का गणित

मान लें 30 लाख रुपये का होम लोन 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर 30 साल के लिए लिया गया है। ऐसे में मासिक ईएमआई करीब 20,161 रुपये बनती है। 30 साल में कुल भुगतान लगभग 72.5 लाख रुपये होगा, जिसमें करीब 42.5 लाख रुपये सिर्फ ब्याज है। अब अगर उधारकर्ता 15 साल में लोन खत्म करना चाहता है तो उसे या तो ज्यादा ईएमआई देनी होगी या बीच में एकमुश्त प्रीपेमेंट करना होगा। यहां एसआईपी काम आता है।

एसआईपी स्ट्रेटजी से कैसे बनेगा फंड

अगर कोई व्यक्ति हर महीने 10,000 रुपये की एसआईपी 12 प्रतिशत अनुमानित रिटर्न पर 15 साल तक करता है, तो उसका कुल निवेश 18 लाख रुपये होगा। इस पर अनुमानित रिटर्न करीब 29.5 लाख रुपये मिल सकता है और कुल फंड लगभग 47.5 लाख रुपये बन जाएगा। 15वें साल में बचा हुआ लोन अमाउंट लगभग 22 से 23 लाख रुपये के आसपास रहेगा। निवेश से मिले फंड से एकमुश्त प्रीपेमेंट कर लोन क्लोज किया जा सकता है। इस तरह कुल ब्याज में भारी बचत संभव है।

गणित समझें एक नजर में

30 लाख का लोन, ईएमआई 20,161 रुपये, 15 साल तक भुगतान करने पर कुल ईएमआई लगभग 36.2 लाख रुपये होगी। इस दौरान मूलधन का काफी छोटा हिस्सा यानी लगभग 7.7 लाख रुपये ही चुकेगा और बकाया करीब 22.3 लाख रुपये रह सकता है।

दूसरी ओर 10,000 रुपये मासिक एसआईपी × 180 महीने = 18 लाख निवेश। 12 प्रतिशत अनुमानित रिटर्न पर भविष्य मूल्य लगभग 47.5 लाख रुपये। यानी बकाया 22.3 लाख चुकाने के बाद भी अतिरिक्त राशि बच सकती है। इससे 30 साल की जगह 15 साल में लोन समाप्त हो सकता है और लगभग 20 लाख रुपये तक ब्याज बचत संभव है।

जोखिम और सावधानियां

यह रणनीति बाजार रिटर्न पर निर्भर करती है। 12 प्रतिशत रिटर्न गारंटी नहीं है। निवेश म्यूचुअल फंड या इक्विटी आधारित स्कीम में होगा तो उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए निवेश शुरू करने से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना जरूरी है। साथ ही लोन पर प्रीपेमेंट चार्ज और टैक्स लाभ का भी मूल्यांकन करना चाहिए। एसआईपी सही प्लानिंग के साथ लोन को तेजी से खत्म करने का प्रभावी डिजिटल टूल साबित हो सकता है।

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