
शेयर बाजार में बिकवाली देखी जा रही है। (PC: AI)
Stock Market Outlook: शेयर मार्केट में पिछले कुछ सेशंस से बिकवाली देखी जा रही है। इस बीच टेक्निकल मोमेंटम इंडिकेटर्स देश के टॉप 500 शेयरों में कमजोर रुख के संकेत दे रहे हैं। निफ्टी 500 इंडेक्स के अधिकांश शेयर अपने शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। यह मार्केट में बड़ी गिरावट का संकेत दे रहा है। 500 शेयरों में से 70 फीसदी शेयर 50 दिन के मूविंग एवरेज (DMA) से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, 60 फीसदी शेयर अपने 200 DMA से नीचे ट्रेड कर रहे हैं।
जब कोई इंडेक्स या कोई शेयर 50 डीएमए से नीचे होता है, तो यह शॉर्ट से मीडियम टर्म मोमेंटम के गिरने का संकेत होता है। 50 DMA का मतलब किसी शेयर के पिछले 50 ट्रेडिंग दिनों के औसत क्लोसिंग प्राइस से है। इसी तरह किसी शेयर या इंडेक्स का 200 डीएमए से नीचे होना लॉन्ग टर्म ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत होता है।
अधिकांश शेयरों में गिरावट 50-डे और 200-डे मूविंग एवरेज से नीचे है। यह संकेत देता है कि शॉर्ट टर्म मोमेंटम कमजोर पड़ चुका है और लॉन्ग टर्म ट्रेंड पर भी दबाव बना हुआ है। इससे साफ है कि फिलहाल बाजार में बिकवाली करने वालों का दबदबा बना हुआ है और यह दबाव लगभग सभी सेक्टर्स में देखने को मिल रहा है। इस महीने की शुरुआत में जब निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था, तब निफ्टी-500 इंडेक्स के करीब 54% शेयर 50-डे और 200-डे दोनों मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहे थे। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिसिस के हेड धर्मेश शाह के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ा है, जिससे मार्केट सेंटीमेंट और कमजोर हुआ है।
हाल के दिनों में शेयर बाजार पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देरी को लेकर बढ़ती चिंताओं का असर दिखा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बिल को समर्थन देने से निवेशकों में घबराहट बढ़ गई, जिसमें भारत और चीन जैसे उन देशों से आयात पर 500% टैरिफ लगाने की बात कही गई है, जो रूस से तेल खरीदते हैं। हालांकि, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के यह कहने के बाद कि भारत और अमेरिका जल्द ही ट्रेड से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे, अनिश्चितता कुछ हद तक कम हुई है।
निफ्टी 5 जनवरी को बनाए गए अपने नए ऑल-टाइम हाई से करीब 2% टूट चुका है और पिछले एक हफ्ते में इसमें 2.5% की गिरावट आई है। मंगलवार को निफ्टी 0.2% की गिरावट के साथ 25,732.3 के स्तर पर बंद हुआ।
सेंट्रम ब्रोकिंग में डेरिवेटिव्स और टेक्निकल रिसर्च के हेड निलेश जैन ने कहा, “भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर स्पष्टता की कमी और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते पिछले हफ्ते बाजार में लगातार पांच सत्रों तक गिरावट देखने को मिली। सोमवार को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन मंगलवार को फिर से बाजार फिसल गया, क्योंकि बढ़ती वोलैटिलिटी के चलते बिकवाली का दबाव बना रहा।”
उन्होंने कहा, “स्मॉल-कैप इंडेक्स खुद लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, इसलिए इसके ज्यादातर शेयर 200-डे मूविंग एवरेज से नीचे हैं। निवेशकों को स्मॉल-कैप शेयरों से फिलहाल दूरी बनाकर रखनी चाहिए और लार्ज-कैप शेयरों पर फोकस करना चाहिए, जहां सेफ्टी मार्जिन ज्यादा होता है।” एनालिस्ट्स का कहना है कि मूविंग एवरेज इंडिकेटर्स के बेहद निचले स्तर भी ट्रेंड में बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
Updated on:
14 Jan 2026 01:17 pm
Published on:
14 Jan 2026 01:16 pm
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