
हाईवे टोल से कमाई करने का जरिया है InvIT (PC: Canva)
हम लोग जब हाईवे पर सफर करते हैं, तो टोल देते हैं। कई बार टोल ज्यादा होने पर थोड़ी नाराजगी भी होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपने जिस रोड के लिए अभी-अभी टोल दिया है, उसी रोड पर टोल कलेक्शन से आप कमाई भी कर सकते हैं।
देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बहुत तेजी से काम हो रहा है, देश में 50,000 किलोमीटर से ज्यादा के नेशनल हाईवे हैं। इन पर लाखों टोल हैं। दिल्ली-मुंबई हाईवे को ही लें, जहां से एक दिन में तकरीबन 60,000 गाड़ियां रोजाना गुजरती हैं। मान लें कि एक गाड़ी ने 200 रुपये का टोल दिया। तो एक दिन में कुल टोल कलेक्शन हुआ 1.2 करोड़ रुपये, तो महीने का हुआ 36 करोड़ रुपये और साल का हुआ 432 करोड़ रुपये।
ये सिर्फ एक ही टोल से होने वाली कमाई है। अब सोचिए कि देश में जो लाखों टोल हैं, उससे कंपनियों का कितना पैसा बनता होगा। अब ये सोचिए कि जितनी बार लोग टोल देंगे, उसका कुछ हिस्सा आपके बैंक अकाउंट में भी आ जाए तो कितना बढ़िया रहेगा। ये हो सकता है और ये कोई चालू स्कीम नहीं, बल्कि बिल्कुल वैध तरीका है। इसके जरिए आप न सिर्फ कमाई करते हैं, बल्कि देश की तरक्की में योगदान भी करते हैं। इसको कहते हैं InvITs यानी Infrastructure Investment Trust.
इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) ऐसा निवेश का जरिया, जो म्यूचुअल फंड्स की तरह काम करता है। हाईवे InvITs पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लगाते हैं, मुख्य रूप से टोल रोड्स और नेशनल हाईवे में निवेश करते हैं। इनकी शेयर बाजार में ट्रेडिंग होती है। ये मार्केट रेगुलेटर SEBI द्वारा रेगुलेट, RBI से अप्रूव्ड और गवर्नमेंट बैक्ड इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। मतलब ये कि ये कोई चालू या ऐसी वैसी स्कीम नहीं है। लाखों लोग इसमें निवेश निवेश कर रहे हैं और मोटी रकम कमा भी रहे हैं, लेकिन ज्यादातर रिटेल निवेशकों को इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है। जबकि InvITs का मुख्य काम ही रिटेल निवेशकों जैसे कि हम और आप, उनको इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे रोड, पावर प्लांट, टेलीकॉम टावर में निवेश का आसान तरीका देना है। पहले ये बड़े संस्थानों तक सीमित थे। इससे इंफ्रा डेवलपमेंट के लिए फंडिंग बढ़ती है और निवेशकों को एक रेगुलर कमाई मिलती है।
ये फंड कई लोगों का पैसा इकट्ठा करता है और उसे प्रोजेक्ट्स, जैसे सड़कें, हाईवे में लगाता है। टोल के जरिए प्रोजेक्ट से जो कमाई होती है, उसका बड़ा हिस्सा निवेशकों को देना होता है। ये पैसा तिमाही आधार पर निवेशकों को दिया जाता है। SEBI के नियमों के हिसाब से एक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) को अपनी कुल नेट कैश फ्लो का 90% हिस्सा अपने निवेशकों में बांटना जरूरी होता है।
इसका मतलब है कि निवेशक पूरे निवेश अवधि में नियमित और स्टेबल इनकम हासिल कर सकते हैं, जैसे आपको हर महीने मकान का किराया मिलता है, ठीक वैसे ही समझ लीजिए। ये उन लोगों के लिए अच्छा है जो नियमित इनकम चाहते हैं, लेकिन ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते। प्रोजेक्ट पहले से चल रहे होते हैं, गवर्नमेंट बैक्ड भी होते हैं तो रिस्क कम होता है। इसके अलावा, अगर InvITs के पास अतिरिक्त कैश फ्लो बचता है, तो निवेशकों को अपने निवेश पर अतिरिक्त डिविडेंड इनकम भी मिलती है।
अगर आप InvITs में निवेश करना चाहते हैं तो ये बहुत आसान है। ये स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड होते हैं। जिस तरह से शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं, ठीक वैसे ही InvITs को भी खरीदा और बेचा जाता है। ये NSE/BSE पर लिस्टेड होते हैं। आपको सिर्फ एक डीमैट अकाउंट खोलना है और InvITs में ट्रेडिंग शुरू कर देनी है। आप कितना भी निवेश InvITs में कर सकते हैं, इसकी कोई लिमिट नहीं होती है। आप सिर्फ 1 यूनिट की खरीद से भी निवेश की शरुआत कर सकते हैं। कुछ SEBI रजिस्टर्ड InvIT में शामिल हैं -
InvITs में पैसा लगाना तब जोखिम भरा साबित हो सकता है। क्योंकि अगर कोई नया नियम आया या राजनीतिक वजह से प्रोजेक्ट रुक गया, तो कमाई और यूनिट प्राइस पर असर पड़ता है। शुरू करने से पहले किसी एडवाइजर से बात करें। निवेश अपना रिस्क देखकर करें।
Updated on:
07 Jan 2026 12:44 pm
Published on:
07 Jan 2026 12:28 pm

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