भारत, Jun 04, 2026

Home Loan की भारी-भरकम EMI आपको वित्तिय संकट में डाल सकती है। (PC: AI)
Home Loan EMI Tips: अपना घर खरीदना हर परिवार का सपना होता है। लेकिन कई बार यही सपना बाद में आर्थिक तनाव की वजह बन जाता है। लोग इस बात पर ज्यादा ध्यान देते हैं कि बैंक कितना बड़ा लोन देने को तैयार है, जबकि असली सवाल यह होना चाहिए कि ग्राहक हर महीने कितनी EMI आराम से चुका सकते हैं। बैंक होम लोन मंजूर करते समय आपकी आय, क्रेडिट स्कोर, पुराने लोन चुकाने का रिकॉर्ड और वित्तीय स्थिति को देखते हैं। लेकिन बैंक की मंजूरी इस बात की गारंटी नहीं होती कि वह लोन आपकी जेब के हिसाब से भी सही है।
बेसिक होम लोन के सीईओ अतुल मोंगा ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि घर खरीदना सिर्फ लोन मिलने तक की कहानी नहीं है। असली परीक्षा तो उसके बाद शुरू होती है, जब हर महीने EMI चुकानी होती है। अगर EMI बहुत ज्यादा हो गई, तो बचत, निवेश और भविष्य की दूसरी योजनाएं पटरी से उतर सकती हैं।
कई लोग मान लेते हैं कि अगर बैंक ने किसी रकम तक लोन मंजूर कर दिया है, तो वह रकम उनके लिए सुरक्षित भी होगी। यही सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। मान लीजिए अचानक मेडिकल खर्च आ जाए, नौकरी बदलनी पड़े या परिवार में कोई बड़ा खर्च सामने आ जाए। ऐसे हालात में भारी EMI आपकी वित्तीय स्थिति को मुश्किल में डाल सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ डाउन पेमेंट और EMI का फॉर्मूला देखना काफी नहीं है। घर खरीदने के बाद भी निवेश, इमरजेंसी फंड, बीमा और बच्चों की पढ़ाई जैसी जरूरतों के लिए पर्याप्त पैसा बचना चाहिए।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स आमतौर पर सलाह देते हैं कि होम लोन की EMI आपकी मासिक आय के 30 फीसदी के आसपास या उससे कम होनी चाहिए। यही वह दायरा है, जिसमें ज्यादातर लोग बिना ज्यादा दबाव के लोन चुका सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति की मासिक आय 1 लाख रुपये है, तो उसकी EMI लगभग 25,000 से 30,000 रुपये के बीच रहे तो बेहतर माना जाता है। इस स्तर पर व्यक्ति के पास निवेश करने, इमरजेंसी फंड बनाने और रोजमर्रा के खर्चे पूरे करने की पर्याप्त गुंजाइश बनी रहती है।
इनकम की 30% या उससे कम EMI: यह सबसे आरामदायक स्थिति मानी जाती है। बचत, निवेश और अन्य वित्तीय लक्ष्यों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।
इनकम की 30% से 40% तक EMI: इसमें स्थिति संभाली जा सकती है, लेकिन इसके लिए बजट पर कड़ी नजर रखनी पड़ती है। फिजूलखर्ची की गुंजाइश कम हो जाती है।
इनकम की 40% से ज्यादा EMI: यहीं से परेशानी शुरू होती है। ऐसी स्थिति में बचत प्रभावित होती है और लंबे समय के वित्तीय लक्ष्य पीछे छूट सकते हैं।
| बैंक का नाम | वेतनभोगी लोगों के लिए (न्यूनतम ब्याज दर % में) | वेतनभोगी लोगों के लिए (अधिकतम ब्याज दर % में) | स्वरोजगार वालों के लिए (न्यूनतम ब्याज दर % में) | स्वरोजगार वालों के लिए (अधिकतम ब्याज दर % में) |
|---|---|---|---|---|
| इंडियन ओवरसीज बैंक | 7.10 | 8.10 | 7.20 | 8.20 |
| SBI टर्म लोन | 7.25 | 8.45 | 7.25 | 8.45 |
| जेएंडके बैंक | 7.75 | 8.45 | 7.75 | 8.45 |
| इंडियन बैंक | 7.15 | 8.55 | 7.65 | 9.05 |
| सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया | 7.10 | 8.65 | 7.10 | 8.65 |
| एक्सिस बैंक | 8.00 | 8.85 | 8.00 | 8.85 |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 7.20 | 8.95 | 7.20 | 8.95 |
| पंजाब नेशनल बैंक | 7.20 | 9.10 | 7.70 | 9.60 |
| बैंक ऑफ महाराष्ट्र | 7.10 | 9.15 | 7.20 | 9.65 |
| यूको बैंक | 7.15 | 9.25 | 7.15 | 9.25 |
| इंडसइंड बैंक | 7.25 | 9.25 | 7.25 | 9.25 |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 7.15 | 9.35 | 7.15 | 9.35 |
| फेडरल बैंक | 7.30 | 9.50 | 7.30 | 9.50 |
| आईसीआईसीआई बैंक | 8.50 | 9.65 | 8.50 | 9.80 |
| बैंक ऑफ इंडिया | 7.10 | 10.00 | 7.10 | 10.00 |
| केनरा बैंक | 7.15 | 10.00 | 7.15 | 10.00 |
| आईडीबीआई बैंक | 7.35 | 10.05 | 7.70 | 11.55 |
| करूर वैश्य बैंक | 8.50 | 10.65 | 8.50 | 10.65 |
| पंजाब एंड सिंध बैंक | 7.30 | 10.70 | 7.30 | 10.70 |
| धनलक्ष्मी बैंक | 8.20 | 11.50 | 8.20 | 11.50 |
| यस बैंक | 9.00 | 11.50 | 9.00 | 11.50 |
| डीसीबी बैंक | 9.75 | 11.50 | 9.75 | 14.50 |
| कर्नाटक बैंक | 7.31 | 11.69 | 7.31 | 11.69 |
भारत में कई बैंक और वित्तीय संस्थान आपकी कुल इनकम के 50-55 फीसदी तक की रकम के बराबर EMI वाले लोन मंजूर कर देते हैं। लेकिन मंजूरी मिल जाना ही काफी नहीं है। अगर होम लोन चुकाने के लिए आपको SIP बंद करनी पड़ रही है, बीमा खरीदने से बचना पड़ रहा है या हर महीने खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है, तो समझिए आपने जरूरत से ज्यादा कर्ज ले लिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही EMI कोई तय संख्या नहीं होती। यह हर व्यक्ति की आय, खर्च, जिम्मेदारियों और भविष्य की योजनाओं के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।
घर का मालिक बनना एक बड़ी उपलब्धि है। लेकिन अगर उसी के कारण आपकी बचत रुक जाए, निवेश ठप हो जाए और वित्तीय सुरक्षा कमजोर पड़ जाए, तो यह सौदा महंगा साबित हो सकता है। इसलिए होम लोन लेते समय सिर्फ यह मत देखिए कि बैंक कितना पैसा देने को तैयार है। यह देखिए कि आप कितनी EMI बिना तनाव के लंबे समय तक चुका सकते हैं।
Published on: 04 Jun 2026 04:00 pm


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