
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (photo-patrika)
जनवरी महीने में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से केंद्र सरकार मालामाल हो गई है। ताजा आकंड़ों के मुतानिक, जीएसटी कलेक्शन जनवरी महीने में 1,93,384 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 6.2 प्रतिशत ज्यादा है।
पिछले साल जनवरी में कुल जीएसटी कलेक्शन 1,82,094 करोड़ रुपये था। साल-दर-साल आधार पर (अप्रैल-जनवरी), कुल कलेक्शन बढ़कर 18,43,423 करोड़ रुपये हो गया, जो 8.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि (सालाना) दर्शाता है।
इसके अलावा, जनवरी के लिए नेट जीएसटी रेवेन्यू 1,70,719 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 7.6 प्रतिशत ज्यादा है। साल-दर-साल नेट रेवेन्यू 15,95,752 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 6.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है।
घरेलू जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1,41,132 करोड़ रुपये हो गया है। इंपोर्ट जीएसटी कलेक्शन भी मजबूत रहा, जिसमें कुल इंपोर्ट रेवेन्यू 52,253 करोड़ रुपये रहा, जो जनवरी 2025 से 10.1 प्रतिशत ज्यादा है।
ट्रांजिशनल उपाय के तौर पर जारी रहने वाला कंपनसेशन सेस घटकर 5,768 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल 13,009 करोड़ रुपये था। जनवरी के लिए कुल रिफंड 22,665 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सालाना आधार पर 3.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट है। राज्य-वार सेटलमेंट के बाद GST रेवेन्यू में मिला-जुला रुझान दिखा।
दिसंबर में, जीएसटी कलेक्शन में 6.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले साल इसी महीने के 1,64,556 करोड़ रुपये की तुलना में 1,74,550 करोड़ रुपये था, जो महीने के दौरान आर्थिक गतिविधि में वृद्धि को दर्शाता है।
सेंट्रल GST कलेक्शन बढ़कर 34,289 करोड़ रुपये, राज्य GST कलेक्शन 41,368 करोड़ रुपये और इंटीग्रेटेड GST कलेक्शन 98,894 करोड़ रुपये हो गया है।
इस बीच, वित्त मंत्रालय ने कई नोटिफिकेशन जारी किए, जिनसे 1 फरवरी से तंबाकू उत्पादों के लिए नया टैक्स सिस्टम लागू हो गया है।
Published on:
01 Feb 2026 10:55 am
