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बूंदी, May 11, 2026

Bundi : सिस्टम की नाकामी बढ़ा रही पेयजल संकट, लीकेज में बह रहा

पाईबालापुरा पेयजल योजना से जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी होने से नैनवां शहर में तीन दिन में जलापूर्ति हो पा रही है। पेयजल योजना पूरा पानी नहीं पहुंच पाने से जलदाय विभाग के बिगड़े प्रबंधन से नैनवां में जलापूर्ति 72 घण्टे पर पहुंच गई।

सिस्टम की नाकामी बढ़ा रही पेयजल संकट, लीकेज में बह रहा

नैनवां. पाईबालापुरा पेयजल योजना के नलकूप से बह रहा पानी।

नैनवां. पाईबालापुरा पेयजल योजना से जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी होने से नैनवां शहर में तीन दिन में जलापूर्ति हो पा रही है। पेयजल योजना पूरा पानी नहीं पहुंच पाने से जलदाय विभाग के बिगड़े प्रबंधन से नैनवां में जलापूर्ति 72 घण्टे पर पहुंच गई। पाईबालापुरा पेयजल योजना से पूरा पानी नहीं मिल पाने से जलदाय विभाग एक पखवाड़े से शहर में 72 घण्टे में जलापूर्ति कर रहा है। परकोटे के अंदर के कुछ जोन तो ऐसे है, जिनमें पांच दिन में जलापूर्ति हो रही है।

पाईबालापुरा पेयजल योजना पर नैनवां शहर को जलापूर्ति के लिए 10 नलकूप चालू है, जिनका पानी पेयजल योजना पर बन रहे पम्प हाउस पर एकत्रित कर पाइपलाइन से नैनवां आता है। नैनवां आ रही पाइपलाइन में रास्ते में गुरजनियां व नाथड़ी मोड़ तक आधा दर्जन स्थानों पर लीकेज इतने ज्यादा है, जिनके पानी से खेत लबालब हो रहे है। यहां नैनवां को तीन दिन में पानी मिल रहा है। शहर में पहले ही जलदाय विभाग 48 घण्टे में जलापूर्ति करता आ रहा था।

शहर में जलापूर्ति में सुधार नही होने से शहर में टैंकर व कैम्पर ही पानी का सहारा बने हुए है। पाईबालापुरा बांध लबालब भरा होने व नलकूपों में भी पानी की भरमार होने के बाद भी पेयजल योजना से पूरा पानी नहीं मिल पाने शहर में 72 घण्टे में जलापूर्ति कर रहा है। परकोटे के अंदर के कुछ जोन गाड़ी खाना, पटवा पाड़ा, तेली पाड़ा, मुख्य बाजार, मालदेव चौक, लोहड़ी चौहटी में तो पांच दिन में बीस मिनट ही जलापूर्ति हो रही है। शहर के अन्य क्षेत्र में भी 72 से 90 घण्टों में जलापूर्ति होने से गर्मी के मौसम में पानी के संकट से परेशान लोगों को टैंकरो से पानी मंगवाना पड़ रहा है।

संसाधन काम में नहीं ले रहे
पाईबालापुरा पेयजल योजना से आ रहे पानी का संग्रहण के लिए जलदाय विभाग कार्यालय में बने नवनिर्मित जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को उपयोग में नहीं लिया जा रहा। पाईबालापुरा पेयजल योजना से नैनवां आ रहे पानी को संग्रहित करने लिए जलाशयों की कमी को देखते हुए जलदाय विभाग ने 13 लाख की लागत से दो लाख लीटर पानी की क्षमता के जलाशय का निर्माण कराया था। जलाशय से पम्प हाउस तक पाइपलाइन का भी मिलान हो रहा है। तीन माह से जलाशय तैयार है, जिसे उपयोग में नहीं लिया जा रहा है। पाईबालापुरा पेयजल योजना पर पानी का उत्पादन बढ़ाने के लिए पेयजल योजना पर जलदाय विभाग द्वारा दो नए नलकूप भी खुदाए है। दोनों नलकूपों में पानी की भरमार है। नलकूपों को खुदवा दिया, लेकिन उनकी लाइन का पम्प हाउस तक मिलान नहीं कराने से उनसे पानी नही मिल पा रहा।

निर्धारित समय पर नहीं हो रही जलापूर्ति
सुमेरगंजमंड़ी
. कस्बे के 14 बीघा क्षेत्र स्थित अध्यापक कॉलोनी में काफी समय से पेयजल संकट गहराया हुआ है। मोहल्लेवासियों को निर्धारित समय पर पानी नहीं मिल रहा है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि सुबह छह से सात बजे के निर्धारित समय पर पानी नहीं आता। पेयजल समस्या को लेकर मोहल्ले वासियों ने संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया है। पीएचईडी अभियंता ने जिम्मेदारी ग्राम पंचायत पर डालते हुए कहा कि यह समस्या उन्हें ही हल करनी है।

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