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बूंदी, May 26, 2026

Bundi : शिक्षा विभाग सख्त, सरकारी और निजी स्कूल में बच्चे नहीं ला सकते मोबाइल

प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। छात्रों की एकाग्रता और सामाजिक व्यवहार पर पड़ रहे नकारात्मक असर को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों व अभिभावकों के लिए गाइडलाइन जारी की है। निर्देशों के तहत यदि कोई छात्र स्कूल में मोबाइल लाता है, तो संस्था प्रधान उसे तुरंत जब्त कर इसकी सूचना छात्र के माता-पिता को देंगे।

Education Department Cracks Down on Bringing Mobile Phones

अध्ययन करते बच्चे

गोठड़ा. प्रदेश के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में अब विद्याथीं मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे। मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से छात्रों की एकाग्रता और सामाजिक व्यवहार पर पड़ रहे नकारात्मक असर को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों, अभिभावकों के लिए गाइडलाइन जारी की है।जानकारी अनुसार शिक्षा निदेशालय से जारी गाइडलाइन में बताया गया है कि सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहे मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की है।

निर्देशों के तहत यदि कोई छात्र स्कूल में मोबाइल लाता है, तो संस्था प्रधान उसे तुरंत जब्त कर लेंगे और इसकी सूचना छात्र के माता-पिता को दी जाएगी। विद्यार्थियों के बढ़ते मोबाइल फोन के मामले को लेकर विभाग गंभीर है। इसके लिए तीन स्तरों पर गाइडलाइन तैयार कर लागू करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई, खेलकूद और मोबाइल व टीवी के बीच संतुलन जरूरी है। स्क्रीन टाइम को न्यूनतम रखने के साथ-साथ उसकी कमियों और गलतियों को पहचानने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। इंटरनेट पर निजी जानकारी साझा न करने और साइबर बुङ्क्षलग की स्थिति में बिना डरे शिक्षकों या माता-पिता को बताने की सीख दी गई है। इसमें पहले अभिभावक अपने बच्चों को मोबाइल फोन नहीं देंगे।

यदि फिर भी विद्यार्थी घर से बिना बताए मोबाइल फोन स्कूल में लाते हैं तो कक्षाध्यापक या स्कूल के संस्था प्रधान फोन को जब्त कर इसकी सूचना माता-पिता को देने के साथ भविष्य में बच्चों को मोबाइल फोन नहीं देने के लिए पाबंद करेंगे। वहीं विद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा मोबाइल का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। कक्षा अध्यापक छात्रों के व्यवहार में आने वाले अचानक बदलावों जैसे एकाकी रहना या चिड़चिड़ापन पर सूक्ष्म नजर रखेंगे और तुरंत परिजनों से संपर्क करेंगे। स्कूल में खेलकूद और नियमित होमवर्क की जांच को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। अभिभावकों के लिए निर्देशों में मोबाइल की जरूरत का आकलन करें और गैजेट््स देने से पहले मोबाइल व लैपटॉप में चाइल्ड लॉक या पेरेंट््स परमिशन के फीचर्स ऑन रखें। यदि बच्चा अचानक दोस्तों से बात करना कम कर दे, पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते तो विद्यार्थियों की काउंसङ्क्षलग कराने के निर्देश दिए हैं।

देंगे साइबर सेफ्टी की सीख

मोबाइल फोन के नियंत्रित उपयोग के लिए शिक्षा विभाग ने आदेश दिए हैं कि हर शनिवार को होने वाले नो-बैग डे के दौरान विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही अभिभावकों के लिए परामर्श शिविर भी आयोजित किए जाएंगे।

मोबाइल फोन की पाबंदी को लेकर निर्देशों का मुख्य उद्देश्य डिजिटल समझ के अभाव या मोबाइल के निरर्थक उपयोग के कारण छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में आने वाली बाधाओं और मानसिक उलझनों को दूर करना है, जिससे बच्चे पढ़ाई के प्रति जिम्मेदार बने। इसको लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
सीताराम जाट, निदेशक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर

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