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Bundi : ठेकेदार के भरोसे जवाहर सागर बांध, बारह में से तीन गेट क्षतिग्रस्त

तालेड़ा कोटा संभाग के महत्वपूर्ण बांधों में से एक जवाहर सागर बांध का संचालन और सुरक्षा ठेकेदारों के भरोसे है। इस बांध को आम बोलचाल में कोटा डेम भी कहा जाता है। बांध के बारह में से तीन गेट क्षतिग्रस्त है।

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ठेकेदार के भरोसे जवाहर सागर बांध, बारह में से तीन गेट क्षतिग्रस्त

बूंदी. बांध के क्षतिग्रस्त गेट से बहता पानी। 

बूंदी. तालेड़ा कोटा संभाग के महत्वपूर्ण बांधों में से एक जवाहर सागर बांध का संचालन और सुरक्षा ठेकेदारों के भरोसे है। इस बांध को आम बोलचाल में कोटा डेम भी कहा जाता है। बांध के बारह में से तीन गेट क्षतिग्रस्त है। एक नम्बर गेट से पिछले तीन माह से लगातार पानी निकलकर नदी की ओर बह रहा है। आठ नम्बर गेट से भी पानी का रिसाव हो रहा है।

बूंदी और कोटा जिले की सीमा पर स्थित जवाहर सागर बांध की भराव क्षमता 980 फीट है, जिसमें वर्तमान में 972.72 फीट पानी भरा हुआ है। गत मानसून के दौरान जुलाई में नौ, अगस्त में चार, सितम्बर में छह एवं अक्टूबर में आठ बार बांध के गेट खोले गए। बांध के तीन गेट क्षतिग्रस्त है। इनमें से तीन नम्बर गेट को इन दिनों बदलने का कार्य किया जा रहा है।पत्रिका टीम ने बांध पर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। एक गेट का वजन करीब 90 टन है, ऐसे में क्रेन के जरिए गेट को विभिन्न हिस्सों में काट कर जेसीबी से गोदाम के बाहर तक पहुंचाया जा रहा है।

लोहा-तांबा चोरी की शिकायतें
काटे गए गेट के टुकड़े भी ठेकेदार की देखरेख में ही गोदाम तक पहुंचाए जा रहे है। इस पर विभाग की निगरानी नहीं हो रही। ऐसे में गेट से बड़ी मात्रा में लोहा और ताबां चोरी होने की शिकायतें आ रही है। बांध में क्रे चलाने के लिए न्यूटल पर लगाई गई करीब छह सौ फीट तांबे की पत्ती के गायब होने की शिकायत की गई है। गोदाम में भेजे जाने वाले सामान का भी रजिस्टर में इंद्राज नहीं किया जा रहा है।

बांध पर अपना सुरक्षा गार्ड तक नहीं
जवाहर सागर बांध चंबल नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक बना हुआ है। मौके पर पहुंची पत्रिका टीम को बांध पर सुरक्षा में लापरवाही मिली। बांध पर कोई भी अधिकारी नहीं मिला। यदि किसी कार्य के लिए अधिकारी को फोन किया जाता है तो वह ठेकेदार के मोबाइल नम्बर दे देते है।

कभी कभार आते है अभियन्ता
बांध पर ङ्क्षसचाई विभाग की ओर से तीन कनिष्ठ अभियंता तैनात है, जो यहां कभी-कभार ही आते है। इनमें से एक अभियन्ता पिछले कुछ दिनों से बांध का गेट बनवाने अहमदाबाद गए हुए है। बांध पर कर्मचारियों, फील्ड स्टॉफ और तकनीशियन की कमी है। ऐसे में बांध से संबधित सारे कार्य ठेकेदार के भरोसे है।

बांध से सामान चोरी होने के बारे में पूर्व मेंं भी सूचना मिली थी, लेकिन पुष्टि नहीं हुई। दोनों ओर विद्युत निगम के बैरियर लगे हुए है, जिन पर होमगार्ड तैनात है। अभी बांध को मरम्मत की आवश्यकता है। अधिकारियों को सभी समस्याओं से समय- समय पर अवगत कराया जाता रहा है।
किशन सुखवानी, कनिष्ठ अभियंता, सिविल जवाहर सागर बांध

बांध पर कर्मचारियों का अभाव है। सरकार की ओर से खुली निविदा के बाद ठेकेदार को कार्य सौंपा गया है। करीब तीन माह से गेट नम्बर एक से पानी बह रहा है। दो अन्य गेट क्षतिग्रस्त है, जिनको बदलने का कार्य जारी है। न्यूटल की तांबे की पत्ती पानी में गिरी हुई है, जिसको निकाला जाएगा। बांध से कोई भी सामान चोरी नहीं हुआ है। दोनों ओर जाने वाले रास्तों पर बैरियर लगे हुए है। वहां से जानकारी जुटा सकते है।
राहुल खींची, कनिष्ठ अभियंता [मैकेनिकल], जवाहर सागर बांध