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Bundi : एक दशक बाद भी नहीं हो पाया बारिश के पानी की निकासी का समाधान

क्षेत्र के ग्राम बड़ानयागांव व अशोक फैक्ट्री के बीच एक दशक से खेतों में बारिश का पानी भरने व उसकी निकासी का समाधान नहीं होने से दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि पानी में डूबी हुई है।

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बूंदी

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pankaj joshi

Jan 12, 2026

एक दशक बाद भी नहीं हो पाया बारिश के पानी की निकासी का समाधान

हिण्डोली. अशोक नगर के निकट खेतों में भरा बारिश का पानी।

हिण्डोली. क्षेत्र के ग्राम बड़ानयागांव व अशोक फैक्ट्री के बीच एक दशक से खेतों में बारिश का पानी भरने व उसकी निकासी का समाधान नहीं होने से दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि पानी में डूबी हुई है ।

जानकारी के अनुसार वर्षों से अशोकनगर के बस स्टैंड से आगे चमन चौराहे तक व बडानयागांव की ओर से बारिश का आने वाला पानी खेतों में लबालब भर जाता है। यहां पर पानी की निकासी के लिए एक ड्रेन थी व वह भी बंद कर दी गई है। ऐसे में खेतों में भरने वाले पानी की निकासी नहीं होने से जुलाई माह से ही करीब 400 बीघा भूमि पर पानी भर जाता है।

जिससे दर्जनों किसान रबी व खरीफ की फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। यह समस्या लंबे समय से जारी है। जिसके समाधान के लिए ग्रामीण व किसान दिल्ली से लेकर जयपुर, कोटा व बूंदी हिण्डोली तक के सभी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मिल चुके हैं।

ऐसा कोई नहीं जिससे ना मिले हो
लोगों का कहना है कि बारिश का पानी बड़ानयागांव से होते हुए नाले से अशोक फैक्ट्री के खेतों में पानी भर जाता है। लेकिन सडक़ पार नाला अवरुद्ध कर देने के बाद से ही पानी खेतों में भरा रहता है। ऐसे में बारिश के महीने जुलाई से सितंबर तक तो खेत हिचकोले खाते रहते हैं।

बाद में पानी कम हो जाता है लेकिन फरवरी माह तक पानी भरा रहने से जमीनों का उपयोग नहीं हो पाता है। किसानों व ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के समाधान को लेकर वे लोकसभा अध्यक्ष, प्रदेश के मंत्रियों, सांसद, विधायक, संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, उपखंड अधिकारी सहित सभी अधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

ग्राम पंचायत नहीं ले रही रुचि
पानी की निकासी का समाधान बड़ा नयागांव ग्राम पंचायत करवा सकती थी। लेकिन यहां पर प्रशासक व ग्राम विकास अधिकारी ने पानी की निकासी को लेकर रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में समस्याएं जस की तस बनी हुई है। खेतों में भरे पानी की निकासी का प्रशासन स्थाई समाधान करें। यहां पर दर्जनों किसानों की भूमि पानी में डूबी रहने से खरीफ व रबी की फसल नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बारिश में घरों में जाने के लिए पानी से गुजरना पड़ता है। यदि समय पर प्रशासन नहीं चेता तो किसानों को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।
नवल किशोर कुमावत, समाजसेवी बड़ानयागांव।


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