
Celina Jaitly (सोर्स- एक्स)
Delhi High Court On Celina Jaitly Brother Detention: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के परिवार से जुड़ा एक संवेदनशील मामला इन दिनों चर्चा में है। उनके भाई मेजर (सेवानिवृत्त) विक्रांत जेटली पिछले डेढ़ साल से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हिरासत में हैं। इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि ये किसी परिवार के अंदर का झगड़ा नहीं है, बल्कि एक गंभीर कानूनी और मानवीय मुद्दा है।
मेजर विक्रांत जेटली भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेस का हिस्सा रह चुके हैं। सेना से रिटायरमेंट के बाद वो विदेश में रह रहे थे। करीब 18 महीने पहले उन्हें यूएई में हिरासत में लिया गया। मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है, लेकिन परिवार लगातार उनकी रिहाई के प्रयास में जुटा है।
बताया जा रहा है कि बहन सेलिना जेटली ने इस मामले को व्यक्तिगत स्तर पर उठाया और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। उन्होंने अदालत का दरवाजा भी खटखटाया ताकि कूटनीतिक स्तर पर हस्तक्षेप तेज हो सके।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेत्री और उनकी भाभी चारुल जेटली के बीच मतभेदों पर नाराजगी जताई। न्यायालय ने कहा कि इस संवेदनशील स्थिति को ‘पारिवारिक विवाद’ का रूप देना उचित नहीं है। कोर्ट ने दोनों पक्षों से आग्रह किया कि वे मतभेद भुलाकर एक साथ मिलकर काम करें, ताकि विक्रांत की रिहाई के प्रयास मजबूत हो सकें।
अदालत का मानना है कि जब मामला किसी नागरिक की विदेश में हिरासत से जुड़ा हो, तब परिवार की एकजुटता बेहद जरूरी होती है। ऐसे में आपसी मतभेद केवल प्रक्रिया को कमजोर कर सकते हैं।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से ये जानकारी दी गई कि विदेश मंत्रालय यूएई के अधिकारियों के संपर्क में है। मंत्रालय ने अदालत को बताया कि 13 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित पक्षों से बातचीत की व्यवस्था की गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और कानूनी व कूटनीतिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
ये मामला केवल एक अभिनेत्री के परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि ये दर्शाता है कि विदेश में किसी भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति कितनी जटिल हो सकती है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंध और कूटनीतिक संवाद सभी अहम भूमिका निभाते हैं।
सेलिना जेटली, जो लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर मुखर रही हैं, अब अपने भाई की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। वहीं हाईकोर्ट का रुख स्पष्ट है—इस समय प्राथमिकता विक्रांत जेटली की रिहाई होनी चाहिए, न कि पारिवारिक मतभेद।
अब निगाहें 13 फरवरी की प्रस्तावित बातचीत और आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत ने संकेत दिया है कि अगर परिवार और सरकार समन्वय में काम करें तो समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति संभव है। ये मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि संकट की घड़ी में एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
Published on:
12 Feb 2026 06:25 pm
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