
Border 2 Weak Points (सोर्स- एक्स)
Border 2 Weak Points: हर फिल्म में स्टॉन्ग प्वाइंट्स के साथ-साथ कुछ ऐसे सीन या बातें जरूर छिपी होती हैं जो किसी को भी समझ नहीं आती। सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की फिल्म 'बॉर्डर 2' में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। जहां फिल्म में एक तरफ इमोशन्स का भंडार देखने को मिलता है, वहीं दूसरी तरफ कई ऐसी बातें भी हैं जो बिल्कुल समझ से परे नजर आती हैं। अगर दिमाग लगाकर उन सीन्स या फिर बातों को देखा जाए को उस मोर्चे पर आपको फिल्म कमजोर लग सकती है। चलिए ऐसी ही कुछ कमियों के बारे में बात करते हैं।
'बॉर्डर 2' के ट्रेलर के समय जैसी निराशा इसके वीएफएक्स को देखकर हुई थी, बस कुछ वैसी ही निराशा एक बार फिर फिल्म देखकर भी होती है। फिल्म में वीएफएक्स का इस्तेमाल काफी नकली लगता है। जिस तरह से दिखाया गया है काफी बनावटी नजर आता है, जो कहीं ना कहीं फिल्म के पक्ष को कमजोर करता है।
फिल्म की कहानी शुरु होती है 1971 से और आगे चलकर 1961 और फिर 1965 में भी पहुंच जाती है। इसके बाद फिर से कहानी 1971 की जंग दिखाती है लेकिन यूं बार-बार स्विच करने से दर्शकों को थोड़ी कन्फ्यूजन होती है। समझ ही नहीं आता कि कौन-सा सीन किस टाइम पीरियड में हो रहा है। 1961 में दिखाया जाता है कि दिलजीत के लिए उसके परिवार वालों ने एक लड़की को देखा है लेकिन शादी होते-होते साल 1971 दिखाया जाता है।
जब बात देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों की होती है तो बहुत जरूरी हो जाता है कि कहीं ना कहीं ड्रामा से ज्यादा असली कहानी और रिलेटेबल फेक्ट्स के साथ भी दर्शकों को बांधा जाए। अगर कोई ऐसा सीन है जो अंधविश्वास की तरह दिखे तो वो लॉजिक के बिना ही फिल्म में डाल दिया गया है। 'बॉर्डर 2' में भी अगर आप ध्यान से सोचेंगे तो कुछ सीन्स में लॉजिक नहीं नजर आएगा। हालांकि फिर आखिर में इंसान यही सोचता है कि है तो फिल्म ही ना...जब तक उसमें ऐसे सीन्स नहीं होंगे तब तक मजा कैसे आएगा।
Updated on:
23 Jan 2026 05:34 pm
Published on:
23 Jan 2026 05:32 pm
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