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साढ़े तीन घंटे भी थिएटर में बैठने को तैयार हैं दर्शक! शर्त बात एक ही है… मेकर्स को करना होगा ये काम

Long Runtime Movies: थिएटर में दर्शक साढ़े तीन घंटे भी बैठने के लिए रेडी हैं। लेकिन मेकर्स को अब समझना होगा कि ऐसा क्या करें कि दर्शक सीट पर बंधे रहें। ऐसी कई फिल्में है, जिनका 3 घंटे से ज्यादा रनटाइम है। ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित भी हुईं।

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मुंबई

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Saurabh Mall

Jan 10, 2026

Long Runtime Movies

शर्त बात एक ही है…लंबी फिल्में भी होंगी सुपरहिट (इमेज सोर्स: पत्रिका.कॉम)

Big-Screen Engagement: बॉलीवुड में 3 घंटे (180 मिनट) से ज्यादा रनटाइम वाली फिल्में कम हैं, लेकिन कई क्लासिक और ब्लॉकबस्टर इसी कैटेगरी में आती हैं। अब तक करीब 100 हिंदी फिल्में 3 घंटे से ज्यादा लंबी रिलीज हुई हैं। पुराने जमाने में गाने और ड्रामा की वजह से फिल्में लंबी होती थीं, जबकि अब एक्शन/एपिक स्टोरी वाली फिल्में लंबी बन रही हैं।

इनमें से अधिकांश हिट या सुपरहिट रहीं (लगभग 70-80 फीसदी), क्योंकि लंबी फिल्में अक्सर बड़े कैनवास वाली (महाकाव्य, वॉर, फैमिली ड्रामा) होती हैं, जो दर्शकों को पसंद आती हैं। पहले माना जाता था कि लंबी फिल्में दर्शकों को थका देती हैं, लेकिन ‘संगम’, ‘शोले’, ‘लगान’, ‘के3जी’ और हालिया ‘एनिमल’ व ‘धुरंधर’ ने साबित किया है कि अगर फिल्म में दम हो तो दर्शक 3.5 घंटे भी थिएटर में बैठने को तैयार हैं।

एक नजर में देखें लिस्ट

रैंकफिल्म का नामरिलीज वर्षड्यूरेशन (समय)
1एलओसी: कारगिल20034 घंटे 15 मिनट
2मेरा नाम जोकर19704 घंटे 4 मिनट
3संगम19643 घंटे 58 मिनट
4लगान20013 घंटे 44 मिनट
5खतरनाक19903 घंटे 43 मिनट
6मोहब्बतें20003 घंटे 36 मिनट
7सलाम-ए-इश्क20073 घंटे 36 मिनट
8कभी अलविदा ना कहना20063 घंटे 35 मिनट
9जोधा अकबर20083 घंटे 34 मिनट
10धुरंधर20253 घंटे 34 मिनट
एक नजर में देखें लिस्ट

अन्य बड़ी फिल्में

‘सौदागर’ (3 घंटे 33 मिनट), ‘हम आपके हैं कौन’ (3 घंटे 26 मिनट), ‘कभी खुशी कभी गम’ (3 घंटे 30 मिनट), ‘स्वदेस’ (3 घंटे 10 मिनट), ‘व्हाट्स योर राशि’ (3 घंटे 31 मिनट), रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ (3 घंटे 21 मिनट) भी तीन घंटे से ज्यादा लंबी फिल्म है।

इसी सप्ताह हुई रिलीज

सेंसर बोर्ड ने ‘द राजा साब’ को यू/ए 16 प्लस सर्टिफिकेट दे दिया है। फिल्म की अंतिम लंबाई 189.00 मिनट है। इसका क्लैश थलपति विजय की आखिरी मूवी ‘जन नायकन’ (जो हिंदी में ‘जन नेता’ से रिलीज हो रही है) से होगा। वह भी 3 घंटे 3 मिनट लंबी है।

हिट/सुपरहिट होने के मुख्य कारण

बॉलीवुड में कोई फिल्म हिट या सुपरहिट बनती है तो इसके पीछे कई फैक्टर्स मिलकर काम करते हैं। कोई एक वजह नहीं होती बल्कि ये सबका कॉम्बिनेशन होता है। इन फिल्मों की स्टोरी ग्रिपिंग, इमोशनल कनेक्ट और नयापन था। इसी के साथ पहला वीकेंड अच्छा हो तो वर्ड ऑफ माउथ से लाइफटाइम कलेक्शन बढ़ता है। इसके मास एक्शन, फैमिली ड्रामा, पैट्रियॉटिक, कॉमेडी के कारण भी दर्शक सिनेमाघरों में पहुंचे। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि हिट होने के लिए कंटेंट किंग है, लेकिन स्टार + मार्केटिंग + टाइमिंग से बूस्ट मिलता है।


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