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बहुत लंबी है… कहने वालों की बोलती बंद, 3 घंटे से ज्यादा लंबी इन फिल्मों ने बदला बॉलीवुड में सुपरहिट का फॉर्मूला

Superhit Films In Bollywood: कुछ फिल्मों ने अपनी लंबाई के बावजूद बॉलीवुड में नई सोच और सुपरहिट फॉर्मूले को जन्म दिया है। लंबी फिल्में हमेशा बड़े कैनवास वाली (महाकाव्य, वॉर, फैमिली ड्रामा) होती हैं जो दर्शकों को पसंद आती हैं।

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superhit in Bollywood

फिल्म- एनिमल और धुरंधर (सोर्स: X)

Superhit Films In Bollywood: बॉलीवुड इंडस्ट्री में 3 घंटे (180 मिनट) से ज्यादा रनटाइम वाली फिल्में काफी कम हैं, लेकिन जो फिल्में है 3 घंटे से ज्यादा रनटाइम वाली, वो क्लासिक और ब्लॉकबस्टर के कैटेगरी में आती हैं। बता दें, अब तक करीब 100 हिंदी फिल्में 3 घंटे से ज्यादा लंबी रिलीज हुई हैं। पुराने जमाने में गाने और ड्रामा की वजह से फिल्में लंबी होती थीं, जबकि अब एक्शन/एपिक स्टोरी वाली फिल्में लंबी बन रही हैं।

इनमें से कई हिट या सुपरहिट रहीं, क्योंकि लंबी फिल्में हमेशा बड़े कैनवास वाली (महाकाव्य, वॉर, फैमिली ड्रामा) होती हैं जो दर्शकों को पसंद आती हैं। पहले माना जाता था कि लंबी फिल्में दर्शकों को हमेशा थका देती है, लेकिन 'संगम', 'शोले', 'लगान', 'केउजी' और हालिया 'एनिमल' और 'धुरंधर' ने ये साबित कर दिया है कि अगर फिल्म में दम हो तो दर्शक 3.5 घंटे भी थिएटर में बैठने के लिए भी तैयार हो जाते है। तो चलिए जानते है कि अब तक की सबसे लंबी फिल्में कौन-कौन सी है, जिसे देख दर्शक अपनी सीट से उठ नहीं पाए है।

3 घंटे से ज्यादा लंबी इन फिल्मों ने बदला बॉलीवुड में सुपरहिट का फॉर्मूला

सबसे लंबी फिल्मों की लिस्ट में 'सौदागर' (3 घंटे 33 मिनट), 'हम आपके हैं कौन' (3 घंटे 26 मिनट), 'कभी खुशी कभी गम' (3 घंटे 30 मिनट), 'स्वदेस' (3 घंटे 10 मिनट), 'व्हाट्स योर राशि' (3 घंटे 31 मिनट) और साल 2023 में रणबीर कपूर की 'एनिमल' (3 घंटे 21 मिनट) थी, जो तीन घंटे से ज्यादा लंबी फिल्म थी, लेकिन दर्शकों द्वारा खूब पसंद की गई थी।

बता दें, इसके अलावा भी कई ऐसी फिल्में है, जिनके अच्छे कंटेंट के वजह से 3.5 घंटे भी दर्शक थिएटर में बैठने को तैयार थे। अगर हम फिल्मों के रैंकिग और ड्यूरेशन के अनुसार देखें तो, ये है वो फिल्में…

रैंक फिल्म का नामरिलीज वर्षड्यूरेशन
एलओसीः कारगिल2003 14:15 घंटे
मेरा नाम जोकर197014:04 घंटे
संगम 19643:58 घंटे
लगान20013:44 घंटे
खतरनाक19903:43
मोहब्बतें20003:36 घंटे
सलाम-ए-इश्क20073:36 घंटे
कभी अलविदा ना कहना20063:35 घंटे
जोधा अकबर20083:34 घंटे
धुरंधर20253:34 घंटे

बता दें, सेंसर बोर्ड ने 'द राजा साब' को यू/ए 16 प्लस सर्टिफिकेट दे दिया है और ये फिल्म 9-1-26 को रिलीज हो चुकी है। फिल्म की ड्यूरेशन की बात करें, तो 189.00 मिनट है और थलपति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' भी 3 घंटे 3 मिनट के आस-पास है। दरअसल, ऐसा नहीं है कि फिल्म ड्यूरेशन ज्यादा है तो फिल्म हिट या सुपरहिट हो गई, बल्कि इसके पीछे कई फैक्टर्स होते हैं। फिल्मों की स्टोरी ग्रिपिंग, इमोशनल कनेक्ट और नयापन था। पहला वीकेंड अच्छा हो तो वर्ड ऑफ माउथ से लाइफटाइम कलेक्शन बढ़ता है, जिससे मार्केटिंग टाइमिंग बूस्ट होती है।


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