भोपाल, Jun 02, 2026

Twisha Sharma Case-she did not received her salary for 6-7 months (फोटो-Patrika.com)
Twisha Sharma Death Case:मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Death Case) में सोमवार को गिरिबाला सिंह और समर्थ ने अपराध स्थल पर सीन 12 मई की रात के सीन को रिक्रिएट किया। अब मंगलवार 2 जून को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की CBI रिमांड खत्म होने वाली है। आज दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। इसी बीच CBI की जांच में एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा की प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ी दो चौंका देने वाली जानकारी सामने आई है। यह जानकारी इस पूरे मामले के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस नई जानकारी सें कई नए सवाल खड़े हो गए है। बताया जा रहा है कि मौत से पहले ट्विशा जिस कंपनी में काम कर रही थी, वह भी अब CBI की जांच के दायरे में आ चुकी है।
मामले की जांच में फाइनेंसियल गड़बड़ियों का भी खुलासा किया गया है। जांच में सामने आया कि मौत से पहले ट्विशा जिस कंपनी में काम करती थी, वहां से उसे 6-7 महीनों से सैलरी नहीं मिली थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, नारसी मोंजी कॉलेज (NMIMS) से एमबीए (MBA) की डिग्री प्राप्त करने के बाद मुंबई में एक फ़ूड फ्लेवर बनाने वाली कंपनी में 6 साल तक काम किया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली बेस्ड एक जर्मन कंपनी में में भी काम किया था। बताया जा रहा है कि मौत से पहले कथित तौर पर ट्विशा इसी कंपनी में कम्युनिकेशन एंड ऑनबोर्डिंग मैनेजर में रूप में काम कर रही थी। सूत्रों के अनुसार अब यह कंपनी भी CBI के जांच में दायरे आ गई है। ट्विशा को क्यों नहीं मिली सैलरी? अब CBI इसकी जांच करेगी।
जांच के दौरान समर्थ से जुड़ी भी एक जानकारी सामने आई है। CBI को इसी जर्मन कंपनी से समर्थ सिंह का भी कनेक्शन मिला है। जांच में सामने आया है कि इस कंपनी ने ट्विशा के पति समर्थ ने भी इन्वेस्ट किया था। समर्थ ने इस कंपनी में 7 -8 लाख रुपए इन्वेस्ट किया थे। अब सीबीआई इस पनए पहलु की भी जांच करने में जुट गई है।
ताजा जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह 11 :30 बजे ट्विशा शर्मा मामले में आरोपी और पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को सीबीआई ऑफिस से ले जाकर CBI कोर्ट में पेश किया गया। 2 जून को दोनों आरोपियों की सीबीआई रिमांड खत्म होने वाली है। ऐसे में सीबीआई को अगर दोनों से और पूछताछ की जरुरत हुई तो वह रिमांड पूछताछ की जरुरत हुई तो इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी कस्टडी बढ़ाने की मांग कर सकती है। अगर ऐसा नहीं होता हो तो कोर्ट उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज देगी।
संबंधित विषय:
Published on: 02 Jun 2026 01:21 pm


कोई कमेंट नहीं है।
पहले कमेंट करने वाले बनें।