
Registration Denied for buses without FDSS system (फोटो- Patrika.com)
Vehicle Registration New Rules: स्लीपर कोच बसों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बाद सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा स्लीपर कोच बसों में एसडीएसएस (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए कहा गया। जिसके बाद प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा इसे सख्ती से लागू कर दिया गया है। यानी प्रदेश में अब जो स्लीपर कोच बसें चलेंगी उनमें एफडीएसएस सिस्टम होगा तभी परिवहन विभाग द्वारा उन बसों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। बता दें इस सिस्टम के जरिए बस में आग लगने की स्थिति को जल्दी पहचानने और उसे तुरंत बुझाने में मदद मिलेगी। (MP News)
फॉयर डिटेक्शनः सबसे पहले बस के इंजन या अन्य संवेदनशील हिस्सों में हीट और स्मोक सेंसर लगाए जाते है। जैसे ही तापमान असामान्य रूप से बढ़ता है या धुआं बनता है, सिस्टम उसे तुरंत लेता है।
अलार्मः आग लगने का संकेत मिले ही ड्राइवर को अलार्म से चेतावनी मिलती है।
फायर सप्रेशनः सिस्टम में लगे फायर एक्सटिंग्विशिंग केमिकल या गैस स्वयं ही एक्टिव होकर आग नियंत्रण कर सकेंगी
सडक मंत्रालय ने स्लीपर कोच -बसों में एफडीएसएस सिस्टम अनिवार्य किया है। प्रदेश में भी अब बसों का रजिस्ट्रेशन इसी के आधार पर किया जाएगा। और जो बसें पहले से संचालित है उनके सुरक्षा मापदंडों की जांच के लिए आरटीओ को निर्देशित किया गया है।- - उमेश जोगा, आयुक्त परिवहन (MP News)
Published on:
15 Mar 2026 07:30 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
