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आज का सवाल- शहर में कचरा निस्तारण की व्यवस्था में कहां चूक रहा प्रशासन?

bhopal news: बाजार, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कचरे के ढेर शहर की स्वच्छता में धब्बा बने हुए हैं।

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garbage problem waste management issue

bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए विगत दस सालों से प्रयास जारी है। शहर में कचरा निस्तारण को लेकर प्रशासन ने कई प्रयोग किए। चौराहों, सार्वजनिक स्थानों, बाजरों कंटेनर रखे, उसमें जीपीएस सिस्टम लगाए, फिर उन्हें हटा दिया। सूखा कचरा, गीला कचरा अलग-अलग डालने के लिए डस्टबिन रखे। घर-घर से कचरा कलेक्ट करने की व्यवस्था शुरू की गई। उसके बावजूद बाजार, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कचरे के ढेर स्वच्छता में धब्बा बने हुए हैं। घरों से कचरा लेने वाले सड़क से कचरा नहीं उठाते, नालियों की सफाई रोजाना नहीं होती है। प्रशासन की खुले में कहीं भी पड़े कचरे को उठाने की व्यवस्था और फैंकने वालों पर सख्ती नजर नहीं आ रही है।

क्या कहती है जनता ?

-बाजार और मुख्य मार्गो पर सफाई अमला झाडू लगाकर कर कचरे के ढेर लगा जाता है, लेकिन तत्काल कचरा नहीं उठाने से वहीं कचरा फिर कचरा बीनने वाले और मवेशी फैला जाते हैं। समय पर कचरा उठे तो दिक्कत न हो।
संजय सिसोदिया, इतवारा

- घरों से कचरा लेने के लिए आने वाला सफाई अमला सडक़ पर लगे कचरे के ढेर नहीं उठाता है। कई जगह तो कई-कई दिन कचरा नहीं उठता है। शिकायत करने पर भी अमला ध्यान नहीं देता है। प्रशासन को जिम्मेदारी तय करना चाहिए।
नंदू यादव, बरखेड़ी

- शहर में अधिकांश कॉलोनी में खाली प्लॉट कचरा डम्पिंग यार्ड बने हुए हैं। कृषि मंडी में भी यहीं हाल है, अमला खाली प्लाटों से कचरा तक नहीं उठाता है। सड़ता कचरा रहवासियों के साथ क्षेत्र की समस्या बन जाता है। प्रशासन के इसके लिए व्यवस्था करना चाहिए।
कमल शेजवार, व्यापारी, कृषि मंडी

- सफाई अमला मार्केट बंद होने के बाद बाजार में झाडू लगाने तो आता है, लेकिन नालियों में भरा कचरा रोजाना साफ नहीं करने से पन्नियां नालियों में फंसने से गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है। कचरा उठाने वालों को नालियों से भी कचरा निकालना चाहिए।
अनिल गड़वाल, कोलार

- सिटी के अधिकांश मुख्य मार्ग तो बाजार का रूप ले चुके हैं, बड़ी संख्या में रहवासी गलियों में रहते हैं, जहां कचरा लेने से लिए गाड़ियां तक नहीं पहुंचती हैं। इसके चलते कई गलियां कचरे से पट जाने के कारण बंद हो चुकी हैं। सकरी गलियों से कचरा उठाने के लिए छोटे वाहनों के लगाना चाहिए।
योगेश यादव, चौक