23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आदेश निरस्त…चतुर्थ श्रेणी पदों पर नहीं होगी ‘आउटसोर्स कर्मियों’ की नियुक्ति

MP News: आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है....

2 min read
Google source verification
Outsourced Employees

Outsourced Employees प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: मध्यप्रदेश के किसी भी विभाग में अब चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति करने संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके पहले ही सरकार चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया बंद कर चुकी है। वित्त विभाग द्वारा 31 मार्च 2023 को विभागों में चतुर्थ श्रेणी पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से कर्मचारी रखने को लेकर निर्देश जारी किए थे। इसमें रिक्त पदों पर तात्कालिक आवश्यकता के आधार पर पद पूर्ति जरूरी होने पर आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं लेने की छूट थी, लेकिन बजट के अभाव में नियुक्तियां नहीं की जा सकती थीं।

दो साल पहले आदेश

दो साल पहले 2023 में वित्त विभाग ने नियमित भर्तियां पूरी होने तक आउटसोर्स सेवाएं लेने के निर्देश जारी किए थे। इसमें बजटीय प्रावधान के अनुसार विभाग प्रमुख आउटसोर्स एजेंसी चयनित कर सेवाएं ले सकते थे। अब इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

12000 कर्मियों की नौकरी पर खतरा

जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी पर 31 मार्च के बाद संकट के बादल मंडरा सकते हैं। वर्तमान में कार्यरत एजेंसियों की टेंडर अवधि इसी तिथि को समाप्त हो रही है, लेकिन अब तक नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इससे समय पर नई एजेंसी तय होने और कर्मचारियों को निरंतर काम मिलने की संभावना कमजोर नजर आ रही है।

नहीं तैयार हो पाए दस्तावेज

सूत्रों के अनुसार ऊर्जा विभाग से टेंडर प्रक्रिया से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अब तक तैयार नहीं हो पाए है। इसी कारण वितरण कंपनियां नई निविदा प्रक्रिया प्रारंभ नहीं कर पा रही है। इस देरी का सीधा असर जिले के 12 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो विभिन्न कार्यों में वर्षों से सेवाएं दे रहे है।

बताया जाता है कि विद्युत वितरण कंपनियां अलग-अलग कार्यों के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति करती हैं। यह पूरी प्रक्रिया टेंडर के जरिए होती है। हर वर्ष 31 मार्च को टेंडर अवधि समाप्त होती है। आमतौर पर एजेंसी बदलती है, लेकिन कर्मचारी उसी स्थान पर कार्यरत रहते हैं, केवल उनका नियोक्ता बदल जाता है।