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हमारे वक्त में क्राइम ‘जमीन, जमींदार थे…’ आज महिला अपराध सबसे ज्यादा- पूर्व बागी मलखान सिंह

Chambal Dakait: ये कहानियां सत्ता की लालसा की नहीं हैं, उस आत्मसंघर्ष की दास्तानें हैं, जिनमें ये पूर्व डकैत अपने अतीत से बाहर निकलकर समाज के सामने खुद को नये सलीकों में गढ़ रहे हैं। किसी की पत्नी सरपंच है, तो सरपंच पति दस्यु सरगना परदे के पीछे गांव की तस्वीर बदलने का काम कर रहा है.. पहले एपिसोड में पढ़ें बागी मलखान सिंह की नई कहानी...

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Chambal ki Dusri Kahani Episode - 1 Malkhan ki Baghawat Atmsamarpan aur badalte daur me crime ki badalti tasveer

Chambal ki Dusri Kahani Episode - 1- मलखान सिंह- बगावत, आत्मसमर्पण से लेकर वर्तमान की कहानी, क्राइम के बदलते स्वरूप पर सीधा प्रहार (patrika Creation)

Chambal Dakait: ग्वालियर-चंबल के बीहड़ों में शाम ढलते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाया करते थे… कभी जिनके नाम लेते ही सन्नाटा छा जाता था... आज वही नाम गांव की चौपालों में विकास की बातों से पहचाने जा रहे हैं। जिन हाथों में कभी बंदूकें थीं और अन्याय-अत्याचार के खिलाफ जागे आक्रोश से आंखों का रंग लाल था, आज वो आंखें मतपेटी में बंद विजेता के भाग्य का सपना संजो रही हैं, समाज में बड़े बदलाव की बाट जोह रही हैं।

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