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MP News: एमपी के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में करंट लगाकर हुई बाघबाघिन की हत्या को हादसा मान रहा वन विभाग मंगलवार को जागा। खोजी डॉग जिनी की मदद से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। तार, खूंटी व अन्य सामग्री जब्त की। लेकिन निगरानी में फेल विभागीय जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की। खानापूर्ति के नाम पर रेंज ऑफिसर-बीटगार्ड को नोटिस थमाए गए हैं।
जांच के लिए सीसीएफ जबलपुर की अध्यक्षता में एसआइटी बनाई है। विशेषज्ञों का कहना है, बाघ, तेंदुए, हाथी जैसे वन्य प्राणियों की मौत पर वन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो। सीसीएफ-डीएफओ को कार्रवाई की जद में लाएं, तब ऐसी घटनाएं रुकेंगी।
डीएफओ उत्तर वनमंडल तरुणा वर्मा ने बताया, वनचाचर बीट के राजस्व क्षेत्र करपा में मृत मिले बाघ-बाघिन की 48-72 घंटे पहले मौत हो चुकी थी। उनके सैंपल जांच को भेजे हैं। 8 आरोपियों पर केस दर्ज किया है। सरमन यादव, मोरनलाल, राजेश यादव, रामभगत यादव, मातादीन यादव, जमुना गोंड़ (66), रामचरण गोंड को गिरफ्तार किया है।
जिम्मेदारी तय होगी, तब वन्य प्राणियों की अप्राकृतिक मौतें रुकेंगी। जहां मौतें हो रही हैं, वहां वन अधिकारियों को भी कार्रवाई की जद में लाएं।
- राजकुमार सिन्हा, वन विशेषज्ञ
हमारी केंद्र से मांग है कि मप्र में वन्यप्राणियों की जितने भी शिकार हुए, उनकी स्पेशल ऑडिट हो। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
- अजय दुबे, वन्यप्राणी विशेषज्ञ
Published on:
04 Feb 2026 09:40 am

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