12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सात साल से अधूरा वाटर प्रोजेक्ट बना नगर पालिका के गले की फांस

शहर में टाटा कंपनी ने 2018 में वाटर प्रोजेक्ट शुरू किया था। प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा दो साल की थी। लेकिन करोना आने के बाद कंपनी को शासन ने दो साल का समय और दे दिया। लेकिन इसके बावजूद अभी भी वाटर प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है।

2 min read
Google source verification

भिंड

image

Vikash Tripathi

Mar 12, 2026

bhind news

भिण्ड. शहर में शुद्ध पेयजल का वादा सात साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। अधूरा वाटर प्रोजेक्ट नपा के लिए गले की फांस बन गया है। टाटा कंपनी डेढ़ साल से घरों में पेयजल सप्लाई शुरू करने का दावा कर रही है लेकिन हर बार इसकी हवा निकल जाती है। गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल संकट गहराएगा ऐसे में कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना ने पत्र लिखकर नपा को पेयजल व्यवस्था को हैंडओवर लेने को कहा है। नगर पालिका के सामने सबसे बड़ी समस्या है कि प्रोजेक्ट अभी भी पूरा नहीं हो सका है और अगर पेयजल संकट गहराया तो पूरा ठीकरा नपा के सिर पर फूटेगा।

वाटर प्रोजेक्ट के लिए अनुबंध टाटा और एमपीयूडीसी (मप्र अर्बन डेवलेपमेंट कंपनी) के बीच है, जिससे नगरपालिका का सीधे कोई हस्तक्षेप नहीं है। नगरपालिका की जल शाखा का कहना है कि अभी तक ट्रायल तक पूरे शहर में नहीं हो पाई है। बड़े क्षेत्र में पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ स्थानों पर पुरानी ही लाइनों से नई लाइनों को जोड़ दिया गया है। नगर पालिका सीएमओ गर्मी में पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने की आशंका पहले भी जता चुके हैं और इसको लेकर कई बार अधिकारियों को पत्र भी लिख चुके हैं। लेकिन अब जब कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना ने व्यवस्था को नपा को ही हैंडओवर लेने को कह दिया है। ऐसे में नपा अधिकारियों के अब हाथ पांव फूल रहे हैं।

न तो कलेक्शन हुए और न मीटर लगे

टाटा कंपनी ने वर्ष 2021 में मुख्य वितरण पाइप लाइनें बिछाकर घरों तक नीचे पाइप निकालकर छोड़ दिए थे। बाद में मीटर लगाने का अभियान चलाया तो लोगों को लगा कि आपूर्ति जल्द शुरू हो जाएगी। लेकिन आर्य नगर, वीरेंद्र नगर, गांधी नगर, हाउङ्क्षसग कॉलोनी, सदर बाजार, पुरानी बस्ती सहित एक दर्जन से अधिक इलाकों में या तो पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है। ट्रायल में ही व्यवस्था बिगड़ गई।

2018 में शुरू हुआ वाटर प्रोजेक्ट

शहर में टाटा कंपनी ने 2018 में वाटर प्रोजेक्ट शुरू किया था। प्रोजेक्ट को पूरा करने की समय सीमा दो साल की थी। लेकिन करोना आने के बाद कंपनी को शासन ने दो साल का समय और दे दिया। लेकिन इसके बावजूद अभी भी वाटर प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है।

फैक्ट फाइल

44300 घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य।
20 हजार घरों में भी नियमित व निर्वाध आपूर्ति नहीं।
30 हजार के करीब ही हो पाए हैं नल कनेक्शन अब तक।
197 करोड़ रुपए की है पूरी नल जल परियोजना।
10 साल संचालन और संधारण का दायित्व भी एजेंसी का।

निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मंडल ने व्यवस्था और कार्य पूर्णता को लेकर निरीक्षण करने के लिए नपा से अनुरोध किया है। हम दिखवा रहे हैं कि इसमें क्या हो सकता है। अधूरा काम तो हैंडओवर नहीं ले पाएंगे।
राजवीर ङ्क्षसह भदौरिया, सहायक यंत्री, नपा भिण्ड।