
Will small traders in the country get relief from complexities in this budget?
देश की अर्थव्यवस्था का पहिया घुमाने वाला लघु उद्यमी और छोटा व्यापारी आज खुद को 'सिस्टम' के चक्रव्यूह में फंसा महसूस कर रहा है। यह वर्ग जो सबसे अधिक रोजगार पैदा करता है और ईमानदारी से जीएसटी व इनकम टैक्स चुकाता है। ऐसे उद्यमियों को बदले में क्या मिलता है? कागजी कार्रवाई का बोझ, बैंकों के चक्कर और विभागों की लंबी फेहरिस्त। इस बजट में 'सिंगल डिजिटल समरी' और 'सरल जीएसटी' छोटे व्यापारियों की पहली जरूरत है।
व्यापारी का आधा समय तो ईएसआईसी, पीएफ, जीएसटी और लेबर विभाग की फाइलों में ही बीत जाता है। उद्यमियों की मांग है कि एक ऐसा एकल पोर्टल विकसित हो, जहां एक बार जानकारी साझा करने पर वह सभी संबंधित विभागों को स्वतः प्रेषित हो जाए। इससे उद्यमियों का कीमती समय बचेगा, जिसे वे अपने व्यापार विस्तार में लगा सकेंगे।
सरकार कहती है कि जीएसटी टर्नओवर के आधार पर लोन मिलेगा, लेकिन जमीनी स्तर पर बैंक बिना 'कोलैटरल' (संपत्ति) के फाइल आगे नहीं बढ़ाते। ब्याज दरें इतनी अधिक हैं कि मुनाफा बैंक की किस्तों में ही समा जाता है।
अगर सरकार इस बजट में छोटे व्यापारियों को डिजिटल बोझ से मुक्त कर दे और बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बना दे, तो भारत की जीडीपी में एमएसएमई का योगदान 30 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
संजय पेडिवाल, अध्यक्ष भीलवाड़ा सिंथेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन
जीएसटी में इतनी जटिलता है कि हमें व्यापार करने से ज्यादा समय अकाउंटेंट के साथ बिताना पड़ता है। बजट में छोटे व्यापारियों के लिए 'कम्पोजिशन स्कीम' का दायरा और सरलता बढ़नी चाहिए।
- गिरीश अग्रवाल, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती, ग्रोथ सेंटर इकाई
सरकार कहती है कोलैटरल फ्री लोन मिलेगा, लेकिन बैंक मैनेजर बिना संपत्ति के बात नहीं करते। जीएसटी टर्नओवर को ही एकमात्र आधार बनाकर लोन की पात्रता तय होनी चाहिए।
कमलेश जैन, सचिव लघु उद्योग भारती
छोटे व्यापारी ही सबसे बड़े टैक्सपेयर हैं, लेकिन उन्हें स्वास्थ्य या सामाजिक सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं मिलता। व्यापारियों के लिए भी विशेष बीमा और पेंशन योजना बजट में होनी चाहिए।
-अजय मूंदड़ा, उद्यमी
इनकम टैक्स स्लैब में छोटे उद्यमियों के लिए अलग राहत होनी चाहिए। सारा मुनाफा कंप्लायंस और भारी ब्याज में चला जाता है, तो व्यापार बढ़ेगा कैसे।
ओम प्रकाश जागेटिया, उद्यमी
Published on:
23 Jan 2026 09:32 am
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