10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंत्राक्ष के तीन बीजाक्षरों से मिटेगा तनाव, मुनि बोले- मनुस्थिति पर हावी न होने दें परिस्थितियां

भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और व्यसन से मुक्ति पाने के लिए गुरुवार को आरसी व्यास कॉलोनी शिवाजी गार्डन मार्ग स्थित धांधोलाई स्कूल मैदान पर विशेष ‘मंत्राक्ष’ ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। मुनि आदित्य सागर के सान्निध्य में शहरवासियों ने ध्यान की गहराइयों को छूते हुए अंतर्मन को स्वच्छ करने के गुर सीखे। शिविर […]

2 min read
Google source verification
Stress will be relieved by the three seed syllables of the mantra, the sage said - do not let circumstances overpower your mental state.

Stress will be relieved by the three seed syllables of the mantra, the sage said - do not let circumstances overpower your mental state.

भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और व्यसन से मुक्ति पाने के लिए गुरुवार को आरसी व्यास कॉलोनी शिवाजी गार्डन मार्ग स्थित धांधोलाई स्कूल मैदान पर विशेष 'मंत्राक्ष' ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। मुनि आदित्य सागर के सान्निध्य में शहरवासियों ने ध्यान की गहराइयों को छूते हुए अंतर्मन को स्वच्छ करने के गुर सीखे।

शिविर के दौरान मुनि आदित्य सागर ने कहा कि तनाव हमारे अंतर्मन की मूल वस्तु नहीं है, बल्कि यह हमारे द्वारा ही आमंत्रित किया गया विकार है। जब बाहरी परिस्थितियां व्यक्ति की मनुस्थिति पर हावी होने लगती हैं। तब वह तनाव और व्यसन (नशे) की ओर कदम बढ़ाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य खुद ही अपना सबसे बड़ा मित्र और शत्रु है। हम चाहें तो खुद को सुखी कर सकते हैं और चाहें तो दुखी। उन्होंने कहा कि बीजाक्षरों का प्रभाव वर्षा की बूंदों सा अंतर्मन साफ होगा। शिविर के दौरान मुनि ने तीन विशेष बीजाक्षरों के ध्यान का महत्व बताया। महाराज ने तीन बीजाक्षर का ध्यान कराया।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वर्षा ऋतु की तेज बौछारें ग्रीष्मकाल की जमी हुई धूल को क्षण भर में साफ कर मार्ग स्वच्छ कर देती हैं, ठीक वैसे ही इन बीजाक्षरों का ध्यान आत्मा पर जमी तनाव और विकारों की धूल को साफ कर देता है। ध्यान से पूर्व सभी को मंत्र स्नान कराया गया और ब्रीथिंग तकनीक के जरिए श्वसन तंत्र को 'क्लीन' किया गया।

20 दिन में लिखी 'तनाव प्रबंधन', पुस्तक का विमोचन

ध्यान सत्र के पश्चात प्रश्नोत्तरी का आयोजन हुआ। इसमें जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर मुनि आदित्य सागर ने मात्र 20 दिनों में रचित पुस्तक 'तनाव प्रबंधन' का विमोचन भी किया गया।

तीन मंत्रों का सार

  • मंत्र स्नान: ध्यान से पहले श्वसन और चित्त की शुद्धि।
  • अनुभव: बीजाक्षरों के प्रभाव से साधकों ने महसूस किया खालीपन और असीम शांति।
  • संकल्प: बुरी आदतों और व्यसनों को त्याग कर खुद को खुश रखने का संदेश।