
A massive crowd of candidates appeared for the teacher recruitment examination.
भीलवाड़ा जिले में रविवार को आयोजित शिक्षक भर्ती लेवल-2 की परीक्षा कड़े सुरक्षा घेरे और भारी गहमागहमी के बीच संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर प्रशासन इस कदर मुस्तैद था कि केंद्रों पर अभ्यर्थियों के धार्मिक धागे (कलावा) तक कटवा दिए गए, जिसे लेकर कई जगह नोकझोंक की स्थिति बनी। परीक्षा खत्म होते ही रोडवेज बस स्टैंड पर परीक्षार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रोडवेज कर्मियों को सख्ती बरतनी पड़ी।
जिले में कुल 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। आंकड़ों के लिहाज से परीक्षा में अभ्यर्थियों का उत्साह चरम पर रहा। पहली पारी में सुबह 10 से 12:30 बजे तक हुई परीक्षा में 7,719 अभ्यर्थियों में से 7,344 यानी 95.14 प्रतिशत उपस्थित रहे। दूसरी पारी दोपहर 3 से 5:30 बजे तक चली परीक्षा में 8,952 में से 8,329 यानी 93.04 प्रतिशत अभ्यर्थी पहुंचे। दोनों पारियों को मिलाकर कुल 998 अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश को लेकर गाइडलाइन की पालना इतनी सख्त थी कि अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक केंद्र पर हाथ में बंधा लाल धागा (कलावा) खोलने को लेकर अभ्यर्थी और कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई। कई केंद्रों पर महिलाओं के गले में पहने धागे और चेन तक उतरवा लिए गए।
सुरक्षा कारणों से महिला अभ्यर्थियों के स्टॉल और दुपट्टे केंद्र के बाहर ही उतरवा लिए गए। इससे केंद्रों के बाहर कपड़ों के ढेर नजर आए।
दूसरी पारी में दोपहर 2 बजे गेट बंद होते समय कई अभ्यर्थी दौड़ते हुए पहुंचे। गेट बंद होने से चंद सेकंड पहले पहुंचने वाले अभ्यर्थी ही प्रवेश पा सके।
परीक्षा समाप्त होते ही शहर का यातायात दबाव अचानक बढ़ गया। सबसे बदतर हालात रोडवेज बस स्टैंड पर देखने को मिले। घर वापसी की जल्दी में अभ्यर्थी बसों की खिड़कियों के रास्ते भीतर घुसने लगे। कई अभ्यर्थी बस के पायदानों और खिड़कियों पर लटककर सफर करने को मजबूर दिखे।
Published on:
19 Jan 2026 09:15 am
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