
PM Shri Schools will now face a crucial test: Officials have been instructed to go into the field.
प्रदेश में पीएमश्री योजना के तहत चयनित स्कूलों की अब कड़ी निगरानी होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर इन स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि यह केवल रस्मी दौरा नहीं होगा, बल्कि अधिकारियों को मौके पर जाकर स्कूलों की हकीकत परखनी होगी।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने निरीक्षण का नया कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत अधिकारियों को आवंटित पीएमश्री विद्यालयों में जाकर न केवल भौतिक संसाधनों को देखना होगा, बल्कि बच्चों के पढ़ाई के स्तर (लर्निंग लेवल) की भी जांच करनी होगी।
आदेश के अनुसार निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहना है। उन्हें शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय जनसमुदाय से बातचीत करनी होगी। शिक्षा विभाग की योजनाओं का धरातल पर क्या असर है, इसकी जानकारी लेनी होगी। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना होगा और बच्चों को मोटिवेशनल (प्रेरणादायक) वार्ता के जरिए प्रोत्साहित करना होगा।
निरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने तकनीक का सहारा लिया है। अधिकारियों को निरीक्षण की रिपोर्ट 'शाला संबलन मोबाइल ऐप' पर तो देनी ही होगी, साथ ही एक विशेष क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन फॉर्म भी भरना होगा। इससे निरीक्षण की लोकेशन और समय की सही जानकारी विभाग के पास तुरंत पहुंच जाएगी।
पीएमश्री स्कूल में चल रही विभिन्न योजनाओं का स्टेटस। बच्चों को कितना आता है, क्लासरूम में इसकी रैंडम जांच। स्कूल में इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की स्थिति। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का स्कूल के प्रति रुझान पर जांच करनी होगी। इस निरीक्षण से पीएमश्री स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के सीधे संवाद से कमियां पकड़ में आएंगी और सुधार का रास्ता खुलेगा। प्रदेश में 393 पीएमश्री विद्यालय है। वही भीलवाड़ा जिले में 17 विद्यालय है। जिनका निरीक्षण सभी सीबीईओं व डीईओ को निरीक्षण करना होगा।
Published on:
01 Feb 2026 09:31 am

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