
Raipur Tehsil, Kareda Police Station; Common man is being crushed in the tussle between officers
प्रशासनिक सीमाओं का मकड़जाल आम आदमी के लिए जी का जंजाल बन गया है। मामला जिले के बागोलिया ग्राम का है, जहां 'राजस्व' की सीमा रायपुर तहसील में आती है, लेकिन 'कानून व्यवस्था' पुलिस थाना करेड़ा क्षेत्र में। इस विसंगति के कारण दो उपखंड अधिकारियों के बीच क्षेत्राधिकार की ऐसी जंग छिड़ी है कि पीड़ित न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खा रहा।
दरअसल, बागोलिया निवासी बाबूलाल गांधी की पुश्तैनी जायदाद को लेकर विवाद चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी जमीन पर कुछ लोग अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। मामला तब पेचीदा हो गया जब एक ही संपत्ति पर दो अलग-अलग एसडीएम कार्यालयों के विरोधाभासी हस्तक्षेप शुरू हो गए।
करेड़ा एसडीएम का दखल: पुलिस थाना करेड़ा क्षेत्र में होने के कारण बीएनएसएस की धारा 126 से 148 तक की कार्रवाई का अधिकार करेड़ा एसडीएम के पास है। पूर्व में एसडीएम ने बद्रीलाल कुमावत को पाबंद भी किया था।
क्षेत्राधिकार की इस अस्पष्टता का फायदा अब असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। पीडि़त बाबूलाल का कहना है कि तहसील रायपुर लगती है और थाना करेड़ा। जब न्याय की गुहार लेकर रायपुर जाते हैं तो वे करेड़ा भेज देते हैं और करेड़ा वाले रायपुर।
Published on:
28 Feb 2026 09:18 am
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