
1008 offerings were made in the Vishwa Shanti Yagna, the city resounded with devotion; Shriji rode out on a golden chariot.
भीलवाड़ा के आरके कॉलोनी स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में श्रीसिद्ध चक्र मण्डल विधान पूजन का समापन विश्वशांति यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ में दी गई अष्टांग धूप की 1008 आहुतियों से संपूर्ण वातावरण सुगंधित हो उठा।मुख्य हवन कुंड पर सौधर्म इंद्र अजय-नीना पंचोली एवं महायज्ञनायक महेंद्र-सुमन सेठी ने आहुतियां दीं। पंडित जयकुमार जैन के निर्देशन में महायज्ञनायक ने पुण्यावाचन की क्रिया के तहत चांदी की परात में मिट्टी के कुंभ से जल क्षेपण किया। इससे पूर्व आठवें वलय की पूजा में भगवान के श्रीधराय, मरणभयनिवारणाय से लेकर गमुकाय तक 424 अर्घ्य चढ़ाए गए। आठवें वलय के 1024 गुणों का अंतिम अर्घ्य भक्तिभाव से जय-जयकारों के साथ अर्पित किया गया। विधान पूजन में भगवान के गुणों के कुल 2040 श्रीफल अर्पित कर पूजा संपन्न की गई। संयोजक मिश्रीलाल, कमलादेवी एवं संजय अग्रवाल परिवार ने सुबह भगवान का प्रथम अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा की।
यज्ञ के पश्चात श्रावक सुरेश, रेखा, राजेश एवं भव्याबड़जात्या परिवार ने श्रीजी को अपने मस्तक पर धारण कर स्वर्ण रथ में विराजित किया। शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर आरके कॉलोनी एवं आरसी व्यास क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पहुंची। धनराज–अजयटोंग्या को रथ का सारथी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर पहुंचने पर जयकारों के बीच श्रीजी को मूल वेदी में विराजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पंडित जयकुमार, संगीतकार मधुर तथा आठ उपवास करने वाली अनीता शाह एवं पूनम कोठारी का सम्मान किया गया।
Published on:
04 Mar 2026 08:16 pm
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