
बैतूल। भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत अब पुराने सोयाबीन को बेचने पर किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। शासन द्वारा इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार यदि किसान पुराने सोयाबीन को भावांतर योजना के तहत बेचने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें भुगतान योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
शासन ने मंडी स्तर पर सख्ती बढ़ाते हुए यह जिम्मेदारी मंडी कर्मचारियों को दी है कि वे गेट पर ही सोयाबीन की पहचान करें। इसके साथ ही किसानों से सोयाबीन के संबंध में आवश्यक जानकारी भी ली जाएगी। यदि जांच के दौरान सोयाबीन पुराना पाया जाता है, तो उसकी प्रवेश पर्ची भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत जारी न करते हुए गैर-भावांतर श्रेणी में जारी की जाएगी। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नीलामी के दौरान मंडी कर्मचारी एवं व्यापारी पुराने सोयाबीन की भावांतर योजना के तहत नीलामी नहीं करेंगे। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
भावांतर पर बेच रहे थे पुराना सोयाबीन
शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा भावांतर भुगतान योजना में पंजीयन कराकर पुराने सोयाबीन को योजना के अंतर्गत बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा बिचौलिया और फडिय़ा छोटे-छोटे किसानों से कम-कम मात्रा में सोयाबीन खरीदकर मंडी लाते हैं और उसे अन्य किसानों के पंजीयन के नाम पर बेचकर योजना का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसी को रोकने के लिए मंडी सचिवों को जारी पत्र में सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
नए सोयाबीन पर ही मिलेगा लाभ
शासन ने स्पष्ट किया है कि भावांतर भुगतान योजना का लाभ केवल चालू वर्ष के नए सोयाबीन पर ही दिया जाएगा। किसानों से भी अपील की गई है कि वे योजना का दुरुपयोग न करें और नियमों के अनुसार ही सोयाबीन की बिक्री करें, ताकि वास्तविक किसानों को योजना का पूरा लाभ मिल सके।
5 हजार प्रति क्विंटल पहुंचे सोयाबीन के दाम
बैतूल मंडी क्षेत्र के किसानों के लिए राहत की खबर है। मध्यप्रदेश शासन की सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना आगामी 15 जनवरी 2026 तक क्रियाशील रहेगी। कृषि उपज मंडी समिति बैतूल सचिव ने बताया कि गुणवत्तायुक्त सोयाबीन लाने वाले किसानों को लगातार बेहतर दाम मिल रहे हैं। शनिवार को कृषि उपज मंडी समिति बैतूल में सोयाबीन का भाव 5 हजार रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। उन्होंने कृषकों से अपील की है कि वे अपनी उपज को पूरी तरह सुखाकर और साफ-सुथरी अवस्था में ही मंडी में विक्रय के लिए लाएं। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
इनका कहना
शासन स्तर से नए आदेश आए हैं,जिसके तहत पुरानी सोयाबीन बेचने पर भावांतर भुगतान योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। मंडी कर्मचारी और व्यापारियों को जिम्मेदारी दी है। योजना का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
सुरेश कुमार परते, सचिव कृषि मंडी बैतूल।
Published on:
03 Jan 2026 08:44 pm
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